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ल्यूपस पर AIIMS की रिसर्च, 200 परिवारों की होगी जांच, वजह क्या है?

एम्स दिल्ली समेत छह केंद्र ICMR की मदद से 200 परिवारों पर चार साल रिसर्च करेंगे। ल्यूपस मरीजों के परिवारों से संपर्क करने की अपील की गई है।

AIIMS दिल्ली

AIIMS दिल्ली। Photo Credit: Khabargaob

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑटोइम्यून बीमारियों पर एक नई रिसर्च की जानकारी दी। इसमें यह देखा जाएगा कि एक ही परिवार के कई लोगों में ऑटोइम्यून बीमारी होने के पीछे जेनेटिक और इम्यूनोलॉजिकल संबंध क्या हैं। रिसर्च के लिए ऐसे परिवारों को बुलाया जा रहा है, जिनमें कम से कम एक व्यक्ति को ल्यूपस (SLE) है।

यह प्रोजेक्ट ICMR की आर्थिक मदद से चलेगा और देश के छह टर्शियरी मेडिकल सेंटरों में चार साल तक होगा। इसकी अगुवाई हरियाणा के सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के डॉ. दीप्यमान गांगुली करेंगे। कुल 200 परिवारों को इसमें शामिल किया जाएगा।

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ल्यूपस के मरीज परिवार ऐसे करें संपर्क

रिसर्च का नाम है ऑटोइम्यून बीमारी में मल्टीप्लेक्स परिवारों में टारगेटेबल शेयर्ड इम्यूनो पैथोजेनिक इवेंट्स की जीनोमिक प्रोफाइलिंग और पहचान। मल्टीप्लेक्स परिवार उन्हें कहते हैं, जिनमें एक से ज्यादा लोगों को ऑटोइम्यून बीमारी है। ऐसे परिवार देश में कम हैं। अशोका यूनिवर्सिटी रिसर्च का कोऑर्डिनेशन सेंटर है और सभी प्रयोग यहीं होंगे। इसके अलावा एम्स दिल्ली, संजय गांधी पीजीआई लखनऊ, नेशनल मेडिकल कॉलेज कोलकाता, सेंट जॉन्स बेंगलुरु और निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैदराबाद में भी सेंटर बनाए गए हैं। हर सेंटर से 30 से 40 परिवार जोड़े जाएंगे।

एम्स में रूमेटोलॉजी विभाग के अडिशनल प्रोफेसर डॉ. रंजन गुप्ता रिसर्च की देखरेख करेंगे। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों में कम से कम एक व्यक्ति को ल्यूपस है, वे एम्स या बाकी पांच सेंटरों पर जाकर जानकारी दे सकते हैं। संपर्क के लिए फोन और वाट्सएप नंबर 7303061991 जारी किया गया है। ई-मेल dr.guptaranjan@aiims.edu पर नाम के साथ जानकारी भेजी जा सकती है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, जो मरीज जानकारी देंगे, उनका इलाज एम्स और बाकी अस्पतालों में किया जाएगा।

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डॉ. गुप्ता ने कहा कि रिसर्च से यह समझने में मदद मिलेगी कि ल्यूपस क्यों होता है और यह एक ही परिवार में क्यों होता है। यह भी पता चल सकेगा कि परिवार के किसी सदस्य को आगे बीमारी होने का खतरा है या नहीं, और उसे समय से पहले पहचाना जा सकता है या नहीं। उनके अनुसार, नतीजों से आगे चलकर इलाज और वैक्सीन बनाने में मदद मिल सकती है।

क्या है ल्यूपस?

ल्यूपस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो ज्यादातर महिलाओं में पाई जाती है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) गलती से अपने ही स्वस्थ ऊतकों और अंगों पर हमला करने लगती है। यह बीमारी जोड़ों, त्वचा, गुर्दे, फेफड़ों और दिमाग पर असर डाल सकती है। इसका असर हृदय और लीवर पर भी हो सकता है। कई ऑटोइम्यून बीमारियां शरीर के एक ही हिस्से को प्रभावित करती हैं, जैसे जोड़ों को। ल्यूपस शरीर के कई हिस्सों में फैल सकता है।

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