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'आसमान या पाताल में हों, बख्शेंगे नहीं', ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले अजीत डोभाल

ऑपरेशन सिंदूर पर अजीत डोभाल ने पहली बार कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

Operation Sindoor, Ajit Doval

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, Photo Credit-PTI

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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताते हुए कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। अजीत डोभाल ने कहा कि देश अपने हितों की रक्षा के लिए जोखिम उठाने और कड़ा प्रहार करने में सक्षम है, चाहे उसके परिणाम कुछ भी हों। 

 

अजीत डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर नाम से 88 घंटे के इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने बताया कि अभियान शुरू करने से पहले लक्ष्य पूरी तरह तय कर लिए गए थे और कार्रवाई उसी रणनीति के तहत की गई। 

 

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PM मोदी का पहला सवाल, किसने किया?

पहलगाम हमले के बाद के तनावपूर्ण माहौल को याद करते हुए, डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस तत्काल प्रतिक्रिया का विवरण दिया जब उन्होंने अपनी विदेश यात्रा बीच में ही छोड़ दी थी। अजीत डोभाल ने कहा कि, 'एयरपोर्ट पर ही हमारी बैठक हुई। सबसे पहले, वह सभी तथ्य जानना चाहते थे। और फिर मुझसे उनका पहला सवाल था कि यह किसने किया है।' 

 

उन्होंने मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा, 'हम उनका पीछा करेंगे। चाहे वे ज़मीन पर हों, आसमान में हों, पाताल में हों, वे लोग जहां भी हों... हम उन्हें माफ नहीं करेंगे।'

अजीत डोभाल ने खुफिया एजेंसियों का धन्यवाद करते हुए बताया कि खुफिया एजेंसियों ने शानदार काम किया और कम समय में ही हम दोषियों की पहचान करने और सटीक कार्रवाई करने में सफल रहे।' 

भारत किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार 

अजीत डोभाल ने संदेश देते हुए कहा कि भारत किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार था। उन्होंने कहा, 'एक बार जब यह शुरू हो जाता है, तो हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है। हम खून की आखिरी बूंद तक लड़ते हैं। भारत के अधिक सहनशील होने को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि जिन आतंकवादियों ने आस्था के आधार पर लोगों को निशाना बनाया था, उन्होंने देश की सहनशीलता की सीमा को पार कर दिया था।

 

हमलावरों ने भारतीय नेतृत्व को भी बड़ी हिम्मत के साथ चुनौती दी थी और ताना मारा था। उन्होंने घटना को याद करते हुए कहा कि पहलगाम के आतंकवादियों ने पीड़ितों से कहा था कि 'जाकर मोदी से कह दो कि वह जो कर सकता है, कर ले। अजीत डोभाल ने कहा कि भारत ने शुरू में ही तय कर लिया था कि यह अभियान पहलगाम हमले से जुड़े दुश्मन के कैंपों को नष्ट करने पर केंद्रित होगा। 

 

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आतंकवाद पर पाकिस्तान को सख्त संदेश

यह हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। अजीत डोभाल ने कहा कि हम चाहते थे कि पाकिस्तान की सेना यह समझे कि आतंकवाद को यह समर्थन या आतंकवादियों के खिलाफ असरदार कार्रवाई न कर पाना ऐसी बात है जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। असल में, दुनिया के लिए यह बात बिल्कुल साफ है, भारत की उदारता या ज्यादा सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की बढ़ती तकनीकी और सैन्य क्षमताओं का सबूत बताया।


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