झारखंड में परीक्षाओं और नौकरियों में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन अब और तेज होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन
से इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कांग्रेस से कहा है कि अगर मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं मानते तो झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लें।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे रविवार को हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता
राहुल गांधी
के पुतले जलाएंगे। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने यह भी कहा कि 20 अगस्त को वे मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारी छात्र, अपने आंदोलन के दमन का आरोप भी सरकार पर लगा रहे हैं।
13 दिन की भूख हड़ताल बेअसर जाएगी?
प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, 'आज विरोध-प्रदर्शन का 23वां और भूख हड़ताल का 13वां दिन है। सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैं ज्यादा दिन बच पाऊंगा; हालत गंभीर है। कल मुझे बुखार आ गया था। उन्होंने मुझे इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन मैंने मना कर दिया। वे देवेंद्र नाथ महतो को ले गए और उन्हें वापस नहीं आने दे रहे हैं। उनका मकसद आंदोलन को तोड़ना है।'
प्रेम नायक, प्रदर्शनकारी:-
मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने को लेकर बातचीत चल रही है। अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। मेरी राय में, मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के बजाय जेल भरो आंदोलन बेहतर रहेगा। सभी स्कूल और कॉलेज बंद करना भी एक बहुत अच्छा विचार है। ये दो ऐसे उपाय हैं जिन पर विचार किया जा सकता है।
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क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी?
प्रदर्शनकारी जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से कराई गई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नाराज हैं। वे जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि सरकार आश्वासन तक नहीं दे रही है, न ही उनसे संवाद की कोशिश की जा रही है।
हेमंत सोरेन ने क्या वादा किया है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने पेपर लीक को राष्ट्रीय समस्या बताया और कहा कि युवाओं का भरोसा उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
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छात्रों से संवाद की तैयारी में हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन ने 'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान शुरू करने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सुझाव मांगने की बात कही। उन्होंने वादा किया कि माफिया की वजह से प्रतिभा बर्बाद नहीं होने दी जाएगी और भविष्य में परीक्षाएं पारदर्शी होंगी।
सरकार ने मानी है गलतियां, अब सुधार करेगी?
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने अनियमितताओं को स्वीकार किया है और छात्रों का भरोसा जीतने का वादा किया है। अब गलत लोगों को बाहर निकालना और मेधावी छात्रों को पहचानना जरूरी है।