रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज, संसद में राहुल गांधी क्यों घिरे? सदन में हंगामा
झारखंड में 10 अगस्त सोमवार को जब छात्रों ने विधानसभा तक घेराव मार्च निकालने की कोशिश की तो यह आंदोलन हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प को लेकर अब विवाद बढ़ गया है।

संसद में राहुल गांधी के खिलाफ विरोध जताते नेता, Photo Credit- PTI
झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है। आज प्रदर्शन का 18वां दिन है। बीते 10 अगस्त सोमवार को जब छात्रों ने विधानसभा तक घेराव मार्च निकालने की कोशिश की तो यह आंदोलन हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। प्रदर्शन शुरू में काफी हद तक शांतिपूर्ण था लेकिन बाद में पुलिस ने उनपर पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सोमवार को हुई घटना को लेकर अब विवाद बढ़ गया है।
पुलिस कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 'झारखंड बंद' बुलाया है और सरकार पर छात्रों की आवाज को दबाने का आरोप लगाया है। इस मामले में बीजेपी लगातार राहुल गांधी को घेर रही है। राहुल गांधी पर बीजेपी ने दोहरे रवैये और चुप्पी का आरोप लगाया है। बता दें कि झारखंड सरकार में कांग्रेस खुद राज्य की सत्ता में साझेदार है। हालांकि, राहुल गांधी ने झारखंड की घटना पर सोमवार को कहा था कि हम शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा के खिलाफ हैं।
अब तक राहुल गांधी दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में बीजेपी पर निशाना साध रहे थे, वह लगातार सवाल उठा रहे हैं कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित गोलीबारी और पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था। अब झारखंड में हुई घटना के बाद से वह खुद कटघरे में हैं।
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राहुल गांधी घिरे, आरोपों पर क्या दिया जवाब?
राहुल गांधी ने दिल्ली में हुए NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर गोली चलाने और पैलेट गन के इस्तेमाल के खिलाफ फिर से सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार यह बताए कि गोली किसने चलाई है। उन्होंने कहा, 'छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग का इस्तेमाल गलत है। हम इसकी आलोचना करते हैं।' दूसरी ओर राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए मेरा संदेश साफ है कि हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कहां हो रहा है, हम इसकी निंदा करते हैं, हम इसके खिलाफ हैं, हम इसकी सलाह नहीं देते और न ही इसका समर्थन करते हैं। जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है, तब तक उस प्रदर्शन पर हिंसात्मक कार्रवाई करना, हम इसके खिलाफ हैं।' X पर एक पोस्ट कर राहुल गांधी ने लिखा:-
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए। राहुल गांधी, नेता विपक्ष
https://twitter.com/RahulGandhi/status/2086790769202073986
छात्रों और विपक्ष का कहना है कि झारखंड में हुई कार्रवाई ठीक वैसी ही है जैसी हाल में दिल्ली में 'संसद चलो' मार्च के दौरान देखी गई थी, सत्ता चाहे किसी भी पार्टी की हो, तरीका एक जैसा। वहीं झारखंड में कांग्रेस सत्ता में भागीदार है, ऐसे में राहुल गांधी का बयान राज्य सरकार के खिलाफ जाता नजर आता है। BJP इसी को भुना रही है।
10 अगस्त को रांची में क्या हुआ?
10 अगस्त 2026 को रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में धांधली व पेपर लीक के विरोध में हजारों छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए विशाल मार्च निकाला। पुराने विधानसभा परिसर और तय धरना स्थलों से हजारों छात्र भारी संख्या में हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर विधानसभा की ओर बढ़े। प्रशासन ने विधानसभा के आसपास 750 मीटर के दायरे में BNSS की धारा 163 लागू कर दी थी, करीब 7 स्तर पर बैरिकेडिंग व कंटीले तार लगाए थे। यह आंदोलन हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। आखिरी सुरक्षा घेरे पर पहुंचते ही पुलिस ने पहले वाटर कैनन, फिर लाठीचार्ज और आखिर में आंसू गैस के गोले छोड़े।
छात्रों का कहना है कि लाठीचार्ज बर्बर था और वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। आंसू गैस के गोलों के एक्सपायर्ड होने की बातें भी सामने आ रही हैं। बता दें कि जंतर-मंतर में दिल्ली पुलिस पर भी एक्सपायर्ड आंसू गैस शेल इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। इसके बाद कई छात्र आखिरकार विधानसभा के गेट नंबर 1 तक पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। यह वही गेट है जो मुख्यमंत्री इस्तेमाल करते हैं।
झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पहले दावा किया था कि सरकार छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत देगी और पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, इसके अलावा सरकार का कहना था कि पिछले चार दिनों की बातचीत में ज्यादातर मांगें मान ली गई थीं।
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राहुल गांधी के लिए दोहरी मुश्किल
राहुल गांधी के बयान से पहले और बाद में BJP ने लगातार उन्हें दोहरे रवैये पर घेरा है। झारखंड BJP अध्यक्ष आदित्य साहू ने सवाल उठाया कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के समय राहुल गांधी आवाज उठाते हैं, लेकिन झारखंड में जहां कांग्रेस खुद सरकार में साझीदार है, वहां कांग्रेस का कोई नेता चुप क्यों है। इसके अलावा, BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को न तो सार्वजनिक तौर पर उठाया, न संसद में और किसी कांग्रेस सांसद ने इस पर तख्ती तक नहीं दिखाई।
https://twitter.com/PTI_News/status/2087041836074389867
संसद सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन बाधित करने झारखंड मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। इनका कहना था कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत और सांसद संजय सेठ ने भी राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे।
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