देश में कुछ राज्यों में शराब पर पूरी तरह पाबंदी है। इनमें बिहार, गुजरात, नागालैंड, लक्षद्वीप और मिजोरम शामिल हैं। हाल ही में जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6, 2023-24) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि इन ड्राई स्टेट्स में भी शराब का सेवन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इन पांच राज्यों में नागालैंड के पुरुष अब भी शराब का सेवन कर रहे हैं और टॉप पर हैं। जबकि मिजोरम की महिलाएं शराब पीने के मामले में सबसे आगे पाई गई हैं।
NFHS-6 (2023-24) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में करीब 18.9% पुरुष शराब का सेवन करते हैं। अगर इलाके के हिसाब से देखें तो गांवों में यह आंकड़ा ज्यादा है, जहां 20.6% पुरुष शराब पीते हैं। वहीं शहरों में यह संख्या कम यानी 15.5% है। महिलाओं में शराब पीने की आदत काफी कम है। पूरे देश में सिर्फ 1.1% महिलाएं ही शराब का सेवन करती हैं। गांवों में यह थोड़ा ज्यादा 1.4% है, जबकि शहरों में यह और भी कम यानी सिर्फ 0.5% ही है।
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ड्राई स्टेट्स के शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों के शराब का सेवन
भारत के जिन राज्यों में शराब पर पाबंदी है, उनमें नागालैंड सबसे ऊपर आता है। यहां शहरों में करीब 28% पुरुष शराब पीते हैं, जबकि गांवों में यह आंकड़ा थोड़ा कम यानी 26.3% है। इसके बाद मिजोरम का नंबर आता है, जहां गांवों में शराब पीने वाले पुरुष (25.4%) शहरों (20.3%) से ज्यादा हैं।
बिहार में भी फर्क साफ दिखता है। यहां शहरों में 12.8% पुरुष शराब पीते हैं, जबकि गांवों में यह आंकड़ा बढ़कर 17.1% हो जाता है। गुजरात में शराब पीने वालों की संख्या काफी कम है। यहां शहरों में सिर्फ 4.1% और गांवों में 6.0% पुरुष शराब का सेवन करते हैं। वहीं लक्षद्वीप में यह सबसे कम है। यहां शहरों में सिर्फ 0.6% और गांवों में मात्र 0.4% पुरुष शराब पीते हैं।
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ड्राई स्टेट्स के शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के शराब का सेवन
शहरी और ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के शराब सेवन की बात करें तो, जिन राज्यों में शराब पर रोक है, वहां भी नागालैंड इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। यहां शहरों में करीब 2.0% महिलाएं शराब पीती हैं, जबकि गांवों में यह आंकड़ा 1.4% है। इसके बाद मिजोरम आता है, जहां ग्रामीण इलाकों में (1.0%) शराब सेवन शहरों (0.8%) के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है।
बिहार में महिलाओं में शराब पीने की आदत काफी कम देखने को मिलती है। यहां शहरों में सिर्फ 0.2% और गांवों में 0.4% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। गुजरात में शहर और गांव दोनों जगह यह आंकड़ा बराबर है, यानी 0.3%। वहीं लक्षद्वीप में स्थिति सबसे कम है, जहां शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में महिलाओं में शराब सेवन का आंकड़ा 0.0% दर्ज किया गया है।
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भारत में ड्राई स्टेट की स्थिति
भारत में कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्हें ड्राई स्टेट कहा जाता है, जहां शराब पर पूरी या आंशिक पाबंदी लागू है। गुजरात 1960 में बॉम्बे प्रोहिबिशन एक्ट 1949 के तहत शराब बनाना, बेचना और पीना पूरी तरह गैरकानूनी है। बिहार ने 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू की, जिसका उद्देश्य शराब की लत और सामाजिक समस्याओं को कम करना है। नागालैंड में 1989 के कानून के तहत शराब पर सख्त प्रतिबंध है, जिसमें इसका उत्पादन, बिक्री और सेवन सभी शामिल हैं।
लक्षद्वीप में भी अधिकतर क्षेत्रों में शराब पर पाबंदी है, हालांकि कुछ पर्यटन क्षेत्रों में सीमित अनुमति मिलती है। मिजोरम में 1997 में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई थी, जिसे बाद में आंशिक रूप से बदला गया और अब सख्त नियंत्रण के साथ नियम लागू हैं।