logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव नहीं मिलेगी', महिला को हाई कोर्ट ने दिया झटका

UP की एक सरकारी कर्मचारी ने चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव मांगी थी। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा और अब वहां से भी राहत नहीं मिली है।

ai generated image of maternity leave

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश की एक सरकारी कर्मचारी ने मैटरनिटी लीव के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महिला को तगड़ा झटका देते हुए मैटरनिटी लीव पर राहत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए साफ कहा है कि उन्हें चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव नहीं दी जा सकती है। वहीं, महिला का तर्क है कि अब तक हुए तीन बच्चों के लिए उन्होंने मैटरनिटी लीव ली ही नहीं थी इसलिए उन्हें यह 6 महीने की छुट्टी दी जानी चाहिए।

 

संभल जिले में कार्यरत महिला शशि कुमारी ने छुट्टी की अर्जी दी थी। स्थानीय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने उनकी यह अर्जी यही कहकर खारिज कर दी थी कि चौथे बच्चे के लिए उन्हें 6 महीने की मैटरनिटी लीव नहीं दी जा सकती है। इसी फैसले के खिलाफ शशि कुमार हाई कोर्ट पहुंचीं थीं। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रानी चौहान ने यह फैसला 7 अगस्त को सुनाया

 

राज्य सरकार के वकील ने शशि कुमारी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी को चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव देने का नियम नहीं है। उन्होंने हाई कोर्ट से अपील की थी कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इसे खारिज कर दिया था।

 

यह भी पढ़ें: 'प्यार से मत ले जाओ, उठाकर फेंको', MLA को मार्शल आउट करने पर बोले प्रवेश वर्मा

किस आधार पर चौथे बच्चे के लिए मांगी मैटरनिटी लीव?

शशि कुमारी के वकील ने तर्क दिया कि अब तक हुए तीन बच्चों के लिए उन्होंने मैटरनिटी लीव नहीं ली थी। ऐसे में वह मैटरनिटी लीव की हकदार हैं। उन्होंने BEO के फैसले को कानूनन गलत बताया था। वहीं, राज्य सरकार ने शशि के दावे को गलत ठहराते हुए कहा कि वह पहले भी मैटरनिटी लीव ले चुके हैं। ऐसे में हाई कोर्ट ने माना कि इस मामले में हाई कोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत है।

 

यह भी पढ़ें: स्कूल तक नहीं थी सड़क, तिरंगा लिए डीएम ऑफिस में घुसकर बच्चों ने किया प्रदर्शन

 

बता दें कि मैटरनिटी बेनेफिट ऐक्ट, 1961 के तहत महिलाओं को पहले या दूसरी बार मां बनने पर कुल 26 हफ्तों की छुट्टी मिलती है। इस दौरान उन्हें पूरी सैलरी मिलती है। यह नियम सरकार और प्राइवेट दोनों तरह की नौकरियों पर लागू है। इसके लिए जरूरी है कि महिला ने पिछले एक साल में कम से कम 80 दिन उस संस्था में काम किया हो। तीसरे बच्चे के लिए भी 12 हफ्ते की पेड लीव दी जाती है। 

 

Related Topic:#allahabad high court

और पढ़ें