पंजाब में बढ़ता नशा और नशे के कारण हो रही मौतें अब राज्य में सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मानसा में झोटा हत्याकांड के बाद गुरुवार को पंजाब बंद रहा और मानसा में लगातार राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आना जाना लगा हुआ है। नशे का मुद्दा अब पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बन गया है। तमाम राजनीतिक दल पंजाब सरकार पर हमला बोल रहे हैं। इसी मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर पंजाब सरकार को घेरने की कोशिश की जिसके बाद
अरविंद केजरीवाल
और भगवंत मान ने केंद्र सराकार पर ही सवाल उठा दिए।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। भगवंत मान सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?' उनके इस ट्वीट का जवाब अरविंद केजरीवाल ने दिया और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी अमित शाह को जवाब दिया।
यह भी पढ़ें: UP में पाल समाज पर कब्जे की जंग! 2027 से पहले BJP, सपा, BSP में क्यों मची होड़?
पंजाब सरकार पर उठाए सवाल
अमित शाह ने पंजाब में हुए अलग-अलग घटनाओं का जिक्र करते हुए लिखा, 'दिरबा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने AAP सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय भी इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।' अमित शाह ने आगे लिखा कि पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके बाद अमित शाह ने सीधा पंजाब के सीएम पर हमला बोलेते हुए लिखा, 'भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब, घोषणाएं नहीं, परिणाम, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहिए।'
नशा मुक्त पंजाब बनाने का वादा
अमित शाह ने कुछ दिन पहले पंजाब के जालंधर में एक बड़ी रैली कर वादा किया था कि अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बना दिया जाएगा। इस वादे को दोहराते हुए अमित शाह ने लिखा, 'मैं आज पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूं कि पंजाब में हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर न हो।'
अरविंद केजरीवाल ने दिया जवाब
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह के इस पोस्ट का जवाब देते हुए बीजेपी पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने लिखा, 'पंजाब में अदानी पोर्ट के रास्ते नशा फैलाने वाले आप लोग! पंजाब में गंगैस्टर फैलाने वाले को साबरमती जेल में संरक्षण देने वाले आप लोग, 2007-2017 में चिट्टा पार्टी के साथ मिल कर पंजाब में नशा फैलने वाले आप लोग और अब उसी पार्टी के साथ मिलकर पंजाब में नशा बेचकर फिर से अरबों रुपए कमाने के सपने देख रहे हो?'
अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'आज सबसे ज्यादा नशा उन राज्यों में है जहां कई कई सालों से आपकी सरकारें हैं। उन राज्यों में नशा बेचकर पेट नहीं भरा? अब फिर से अपनी चिट्टा पार्टी के साथ मिलके पंजाब को बर्बाद करने आ गए? जनता जानती है कि आपकी गंदी नजर पंजाब के पानियों पर है, पंजाब यूनिवर्सिटी पर है, चंडीगढ़ पर है। आप फिर से तीनों काले कानून लाना चाहते हो?' अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि पंजाब यह कभी नहीं होने देगा।
यह भी पढ़ें: 13,450 फीट ऊंचाई वाली घेपन झील में लगा खास सिस्टम, फ्लैश फ्लड की देगा सूचना
भगवंत मान ने क्या कहा?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बॉर्डर पार से आने वाले नशे के मामले को उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अमित शाह को मेरे बारे में बोलने से पहले अपने सलाहकारों के साथ सलाह कर लेनी चाहिए थी। 50 किलोमीटर रेंज बीएसएफ के पास है। 3 हजार किलो चिट्टा गुजरात के पोर्ट से पकड़ा जा रहा है। भगवंत मान को दोष देने से पहले अपनी जिम्मेदारी संभालो।'