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'70 रुपये में E-20, 82 में प्योर पेट्रोल मिले', केजरीवाल ने पूरी गणित समझा दी

अरविंद केजरीवाल का दावा है कि मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमत के हिसाब से देश में शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये लीटर मिलना चाहिए। वहीं E20 की कीमत 70 रुपये लीटर होनी चाहिए। उन्होंने इसके पीछे का पूरा गणित भी समझाया है।

Arvind Kejriwal

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल। (Photo Credit: AAP)

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तेल कंपनियों के माध्यम से सरकार पर नाजायज मुनाफा कमाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल तेल कंपनियों को 77 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। युद्ध के बीच सिर्फ तीन-चार महीने नुकसान उठाना पड़ा है। जनता को राहत देने के बजाय बंपर मुनाफा कमाया जा रहा है।

 

अरविंद केजरीवाल ने अपने हिसाब से कच्चे तेल से शुद्ध पेट्रोल तक का पूरा गणित भी समझाया है। उनका दावा है कि आज जो E20 पेट्रोल 102 रुपये लीटर मिल रहा है। उसे 70 रुपये लीटर मिलना चाहिए।

 

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केजरीवाल ने कहा, 'कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में कुछ हद तक कीमत 115 डॉलर तक थी। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में 70 डॉलर प्रति बैरल है, लेकिन देश में पेट्रोल की कीमत मई में 102 रुपये प्रति लीटर कर दी गई थी। आज भी कीमत 102 रुपये प्रति लीटर है, वह भी E20 की।'

 

 

 

82 रुपये में मिलना चाहिए शुद्ध पेट्रोल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमत कम हुई है तो देश में पेट्रोल की कीमत भी कम होनी चाहिए। हमारी कैलकुलेशन यह दिखाती है कि हमारे देश में पेट्रोल की कीमत 82 रुपये प्रति लीटर या उससे भी कम होनी चाहिए। इस कीमत पर पेट्रोल मिलना चाहिए, E-20 नहीं।

70 रुपये होनी चाहिए E20 की कीमत

केजरीवाल का कहना है कि आज 70 डॉलर प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत है। इस हिसाब से एक लीटर कच्चा तेल 42 रुपये का होता है। उसके ऊपर जितने भी चार्जेस हैं, उनको मैंने वैसे ही रखा है। तब भी देश में 82 रुपये लीटर शुद्ध पेट्रोल और E20 70 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए। 

 

अरविंद केजरीवाल का दावा है कि इसी तरह डीजल की कीमतों को भी कम किया जा सकता है। उनका तर्क है कि अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होती हैं तो महंगाई पर बड़ी चोट होगी और लोगों को बहुत राहत मिलेगी।

 

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बंपर कमाई से भरपाई क्यों नहीं?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार कह सकती है कि युद्ध के समय तेल की कंपनियों को घाटा हुआ, जिसकी भरपाई हमें प्रॉफिट करके पूरी करनी पड़ रही है। दिल्ली के पूर्व सीएम ने दावा किया कि सरकार का यह तर्क पूरी तरह से गलत है। 2014 से आज तक छह बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम हुईं। उन दिनों तब बंपर लाभ हुआ तो क्या तीन-चार महीने के नुकसान की भरपाई उससे नहीं की जा सकती है।

केजरीवाल ने सरकार से क्या मांगा?

केजरीवाल ने यह भी कहा कि पिछले साल ही तेल कंपनियों को 77 हजार करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। क्या वह इससे भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने देश की जनता की तरफ से  सरकार तुरंत 82 रुपये प्रति लीटर की दर से शुद्ध पेट्रोल देने की मांग की और कहा कि अगर E20 की सप्लाई की जाती है तो उसकी कीमत और भी कम होनी चाहिए। 

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