कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली के बाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में 'शुद्धीकरण' कराने जाने का मामला सामने आया था। इसी को लेकर कांग्रेस पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच उत्तराखंड में ही एक और यज्ञ किया गया है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने देहरादून के पंचायती मंदिर में
राहुल गांधी
की तस्वीरें रखकर एक 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' कर डाला। यह यज्ञ करने वाले लोगों ने कहा कि राहुल गांधी समाज को बांटने का काम कर रहे हैं इसलिए उनकी बुद्धि की शुद्धि के लिए ऐसा यज्ञ जरूरी है।
'शुद्धीकरण' के बीच बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। एक तरफ कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों और जिलों के नेता अपने-अपने क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी तरफ राहुल गांघी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हो गई है। बता दें कि यह FIR SC/ST ऐक्ट के तहत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी के बयानों से अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
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राहुल गांधी पर क्यों भड़की बीजेपी?
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई एक रैली के बारे में बीजेपी का कहना है कि रामलीला मैदान में हुई इस रैली के बाद वहां गदगी फैलाई गई और रैली में कुछ सांप्रदायिक नारे भी लगाए गए। इसी के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों ने 'शुद्धीकरण यज्ञ' कराया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी यह मुद्दा संसद में उठाया था और सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि इसकी जांच कराई जाएगी। राहुल गांधी ने इसी 'शुद्धीकरण' को दलित विरोधी बताया था।
इसी को लेकर देहरादून के दर्शन लाल चौक के पास स्थित पंचायती मंदिर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' किया। बीजेपी के SC मोर्चे के प्रवक्ता जयपाल वाल्मीकि ने इस मौके पर कहा, 'साल 2014 से ही लगातार बीजेपी की सरकार बनती आ रही और राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं। इसीलिए उनकी बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। इसके जरिए भगवान से प्रार्थना की गई कि राहुल गांधी को सद्बुद्धि मिले और वे सकारात्मक राजनीति की ओर आगे बढ़ें।'
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बता दें कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को पूरे देश में लेकर जा रही है और इसे दलितों का अपमान बता रही है। वहीं, बीजेपी के बड़े नेता इस पर बोलने से बच रहे हैं लेकिन स्थानीय स्तर के नेता लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस का विरोध कर रहे हैं।