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आरक्षण की 'ढाल' बने चिराग पासवान की पार्टी में 'अपनों' को कितनी जगह?

चिराग पासवान आरक्षण को लेकर बार-बार दोहरा रहे हैं कि वह जब तक जिंदा हैं, वंचित और शोषित वर्ग का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे। उनकी पार्टी में वंचित शोषितों का प्रतिनिधित्व कितना है,आइए समझते हैं।

Chirag Paswan

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के चीफ चिराग पासवान। Photo Credit: LJP RV

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केंद्रीय खाद्य प्रंसस्करण मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान इन दिनों सामाजिक न्याय की बात कर रहे हैं। वह बार-बार अपने पुराने बयानों का जिक्र कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जब तक चिराग के खून में एक-एक कतरा है, आरक्षण को कोई खतरा नहीं होगा। वह बार-बार कह रहे हैं कि आरक्षण कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा। अगर किसी न हाथ लगाने की कोशिश की तो देश की एक बड़ी आबादी सड़क पर आ जाएगी और इसे संभालना कठिन होगा। समीक्षा तो बहुत दूर की बात है, आरक्षण पर चर्चा भी संभव नहीं है।

चिराग पासवान का तर्क है कि दलित और वंचित समाज के साथ सदियों से भेदभाव हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अधयक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ आज भी भेदभाव हो रहा है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मंदिरों में जाने से रोका गया, दलित होने की वजह से अपमानित किया गया। चिराग पासवान ने वादा दोहराया है कि आरक्षण खत्म नहीं होगा, वह दलितों, सोशित और वंचितों को सही प्रतिनिधित्व देंगे।

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चिराग पासवान, अध्यक्ष, लोकजनशक्ति पार्टी:-
मुझे चिंता इस बात की है कि जहां मैं जिस जाति और वर्ग का प्रतिनिधित्व करता हूं, अगर उनके लिए मैं आवाज इतनी बुलंदी से तेज कर सकता हूं तो उस वर्ग से आने वाले नेता और प्रतिनिधि, क्यों अपने ही समाज की आवाज को दबाने का काम करते हैं। क्यों सवर्ण समाज की चिंताओं को नहीं सुना जाता। अगर कोई नहीं सुनता तो चिराग पासवान, मेरी पार्टी उन चिंताओं को सुनेगी। 

अपनी पार्टी में 'अपनों' को कितनी जगह देते हैं चिराग पासवान?

साल 2024 और 2025 के चुनावी नतीजों से ही समझा जा सकता है कि चिराग पासवान, अपने इस वादे के प्रति कितने गंभीर हैं। उनकी पार्टी, बिहार की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से उनकी पार्टी के पास 19 विधायक हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से सिर्फ 4 विधायक कम। उनकी पार्टी से 5 सांसद 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतकर संसद पहुंचे। 


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दलित प्रतिनिधित्व की बात कर रहे चिराग पासवान की पार्टी में कितने अनुसूचित वर्ग से प्रतिनिधि हैं, कितने ओबीसी से और किस जाति का बोलबाला है, आइए समझते हैं- 

लोकसभा चुनाव 2024, कितने दलितों को चिराग ने दिया प्रतिनिधित्व?

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के टिकट पर एनडीए गठबंधन के तहत 5 उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत हासिल की। अरुण भारती, चिराग पासवान, राजेश वर्मा, शांभवी चौधरी और वीणा देवी। अरुण भारती चिराग पासवान के जीजा हैं। वह जमुई से सांसद हैं। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। चिराग पासवान खुद हाजीपुर सीट से चुनाव जीते हैं। हाजीपुर भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। शांभवी चौधरी समस्तीपुर से सांसद हैं, यह आरक्षित सीट है। वीणा देवी वैशाली से सांसद हैं। वह राजपूत समाज से आती हैं। चिराग के सांसदों में 3 अनुसूचित जाति से, एक OBC और एक सामान्य वर्ग के हैं। 


विधानसभा चुनाव में कितने 'अपनों' को मिला मौका?

साल 2025 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी (राम विलास) से 19 विधायक चुने गए हैं। अमित कुमार, अरुण कुमार, बाबुलाल शौर्य, बेबी कुमारी, बिनिता मेहता, मिथुन कुमार, मुरारी प्रसाद गौतम, नितेश कुमार सिंह, प्रकाश चंद्रा, राजीव रंजन सिंह, राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता, राजू तिवारी, संगीता देवी, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, उदय कुमार सिंह, विमल राजबंशी और विष्णुदेव पासवान ने 2025 के विधानसभा चुनाव में जीते। 

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  • अमित कुमार, बेलसंड
  • अरुण कुमार, बख्तियारपुर
  • बाबूलाल शोर्या, परबत्ता
  • बेबी कुमारी, बोचहां
  • बिनीता मेहता, गोबिंदपुर
  • मिथुन कुमार, नाथनगर
  • मुरारी प्रसाद गौतम, चेनारी
  • नितेश कुमार सिंह, कसबा
  • प्रकाश चंद्र, ओबरा
  • राजीव रंजन सिंह, डेहरी
  • राजेश कुमार उर्फ बाबलू गुप्ता, सुगौली
  • राजू तिवारी, गोविंदगंज
  • संगीता देवी, बलरामपुर
  • संजय कुमार, बखरी
  • संजय कुमार सिंह, महुआ
  • संजय कुमार सिंह, सिमरी बख्तियारपुर
  • उदय कुमार सिंह, शेरघाटी
  • विमल राजवंशी, रजौली
  • विष्णु देव पासवान, दरौली

इनमें से 5 आरक्षित विधानसभा सीटें हैं। बोचहां सीट आरक्षित है, यहां से बेबी कुमारी विधायक हैं। चेनारी भी आरक्षित सीट है, यहां से मुरारी प्रसाद गौतम विधायक हैं। बखरी से संजय कुमार विधायक हैं, वह भी अनुसूचित वर्ग से हैं। राजौली से विमल राजवशी और दरौली से विष्णु देव पासवान भी दरौली से हैं। चिराग पासवान ने 4 पासवान चेहरों को उतरा था। एक राजवंशी उम्मीदवार को भी मौका दिया। 5 दलित विधायक, 7 सवर्ण हैं।

5 राजपूत और 1-1 ब्राह्मण भूमिहार समाज से आते हैं। 7 विधायक OBC वर्ग से हैं। चिराग पासवान की अपनी पार्टी में, पासवानों की मजबूत स्थिति के बाद भी उनका प्रतिनिधित्व कम है। लोक जनशक्ति पार्टी (RV) के 19 विधायकों में 26.3 प्रतिशत दलित, 36.8 प्रतिशत सवर्ण और 36.8 प्रतिशत OBC हैं। दलित प्रतिनिधित्व में पासवानों की हिस्सेदारी 80 फीसदी है। पार्टी के विधायक दल में पासवानों का प्रतिनिधित्व करीब 21.1 फीसदी है।

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चिराग पासवान का आरक्षण पर प्लान क्या है?

चिराग पासवान ने हाल ही में कहा है, 'संविधान सबको इतना स्थान दिया है, जहां हर वर्ग का संरक्षण करते हुए उनका समावेश किया जा सके, उनकी चिंताओं को दूर किया जा सके। जाति की बात किए बिना जमात को एक साथ लेकर, अनुसूचित जाति में बिना एक-दूसरे में उलझे हुए, ऊंची, पिछड़ी और अल्पसंख्यको को साथ लेकर हमारी पार्टी हर किसी को न्याय दलाने का काम करेगी यह सेतु बनने का काम चिराग पासवान करेगा।'

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