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एजेंडा, प्लान और तैयारी, भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन के बारे में सब जानिए

दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS सम्मेलन होने वाला है। उम्मीद की जा रही है कि व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे नेता भी इसमें शामिल होने आ सकते हैं।

brics summit 2026

BRICS, Photo Credit: BRICS

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देश की राजधानी दिल्ली में G20 के बाद एक और बड़ा आयोजन है। इस बार BRICS देशों का सम्मेलन होना है। तैयारियां और रिहर्सल जारी हैं। ब्राजील (B), रूस (R), इंडिया (I), चीन (C) और साउथ अफ्रीका (S) यानी BRICS अब 11 देशों का संगठन बन चुका है और 11 ही पार्टनर देश भी इसका हिस्सा हैं। इस संगठन का यह 18वां सम्मेलन होगा। इसके पहले 2021 , 2016, और 2012 में भी भारत इसकी मेजबानी कर चुका है। ऐसे में दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हुई हैं। यह मौका खास इसलिए भी है कि BRICS की स्थापना के 20 साल पूरे होने जा रहे हैं।

 

इस संगठन का सिस्टम कुछ ऐसा है कि हर साल एक अलग देश को इसकी अध्यक्षता मिलती है और सामान्य तौर पर वही इसकी मेजबानी भी करता है। इससे पहले 2025 में ब्राजील, 2024 में रूस, 2023 में साउथ अफ्रीका, 2022 में चीन और 2021 में भारत ने इसी सिस्टम के तहत इस सम्मेलन की मेजबानी की थी। इसी के चलते 1 जनवरी 2026 से इसकी अध्यक्षता भारत को मिली है। अब दिल्ली  के भारत मंडपम में इसका आयोजन 12 और 13 सितंबर को होना है। उम्मीद है चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष खुद इसमें हिस्सा लेने भारत आ सकते हैं।

 

ऊर्जा सुरक्षा, वित्तीय विकास, न्यू डेवलपमेंट बैंक, जलवायु और वैश्विक सरकारी संगठनों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। सम्मेलन के आखिरी में एक संयुक्त बयान भी जारी किया जा सकता है।

इस बार की थीम क्या है?

हर बार सम्मेलन की एक थीम रखी जाती है। यह दिखाती है कि सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होने वाली है और एजेंडा क्या होगा? इस बार की थीम है 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी।' इसका अर्थ है कि आपसी सहयोग, लचीलेपन, नवाचार और सह स्थिरता वाले विकास के साथ निर्माण करना।

 

यह भी पढ़ें: दिल्ली में 11 सितंबर को रहेगी छुट्टी, BRICS समिट के चलते बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर

 

बता दें कि 1 जनवरी को अध्यक्षता मिलने के बाद से भारत के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से ज्यादा मीटिंग हो चुकी हैं।  14 और 15 मई को BRICS के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक दिल्ली में ही हुई थी।

इस बार कब, क्या होगा?

दो दिन चलने वाली BRICS लीडर्स समिट से पहले 11 सितंबर को BRICS बिजनेस फोरम की एक मीटिंग होगी। महिलाओं के बिजनेस अलायंस की मीटिंग इससे इतर होगी। यही वजह है कि 11 सितंबर को दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के दफ्तरों को बंद कर रखा जाएगा। पहले से ही भारत मंडपम के आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और व्यापक स्तर पर साफ-सफाई हो रही है। दिल्ली सरकार ने भी 11 सितंबर को छुट्टी घोषित कर दी है। बाकी के दो दिनों में BRICS सदस्यों देशों की संयुक्त बैठकें होंगी। इनको भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इसके अलावा, अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी अपनी-अपनी बात रखेंगे। 

 

इस बार सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और लोगों के आपसी सहयोग को लेकर चर्चा होगी। साथ ही, नवाचार को बढ़ावा देने, सहयोग बढ़ाने और सतत विकास के मामले में लगातार आगे बढ़ने की कोशिश भी होगी। साथ ही, राष्ट्रीय मुद्राओं का खूब इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, MSME, डिजिटल ट्रेड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक पर भी चर्चा की जाएगी।     

 

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क्या है BRICS?

11 देशों का संगठन बन चुके BRICS देशों में दुनिया की 49.5 प्रतिशत आबादी रहती है। इन देशों की GDP दुनिया की कुल GDP के 40 प्रतिशत के बराबर पहुंच गई है। इतना ही नहीं, दुनिया में होने वाले कुल कारोबार का 26 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं देशों में होता है। बता दें कि इस संगठन की शुरुआत साल 2006 में हुई और तब साउथ अफ्रीका इसका हिस्सा नहीं था।

 

साल 2006 में न्यूयार्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की मीटिंग से इतर ब्राजील, रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने आपस में एक बैठक की थी। इसी बाद में इसमें साउथ अफ्रीका को भी शामिल करने का फैसला हुआ। साल 2011 में हुए सम्मेलन में साउथ अफ्रीका भी इसका हिस्सा बना। जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE को एकसाथ इसमें शामिल कर लिया गया। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया को भी इसमें शामिल कर लिया गया। 2025 में ही बेलारूस, बोलिविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम इसके पार्टनर देश बने। 

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