उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (
CBI
) ने ऐक्ट्रेस उर्मिला सनावर को कोर्ट में पेश होने का नोटिस जारी किया है। CBI की एक टीम ने 21 अक्टूबर को उर्मिला के घर पहुंचकर उन्हें यह समन सौंपा। इसके अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे देहरादून के संबंधित कोर्ट में आने को कहा गया है। कोर्ट में उर्मिला को खुद मौजूद होकर पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने पर अपनी सहमति या असहमति दर्ज करानी होगी।
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए उर्मिला सनावर ने बताया कि सोशल मीडिया पर अंकिता भंडारी केस से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसके सिलसिले में ही जांच एजेंसी ने यह नोटिस दिया है। इससे पहले भी 18 अक्टूबर को CBI की टीम उनसे करीब चार घंटे तक सवाल-जवाब कर चुकी है। वहीं, इस महीने की शुरुआत में CBI की एक टीम सहारनपुर स्थित उनके घर पर भी जांच के लिए पहुंची थी।
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उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट
इस केस में CBI लगातार नए पहलुओं की पड़ताल कर रही है। 17 अक्टूबर को जांच एजेंसी ने उत्तराखंड के पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर से भी उनके हरिद्वार के घर पर पूछताछ की। इसी सिलसिले में ऐक्ट्रेस उर्मिला के घर सीबीआई पहुंची थी। उन्होंने बताया, 'CBI ने हमें 22 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे देहरादून कोर्ट में बुलाया है। उनका कहना है कि जिस नार्को टेस्ट के लिए हमने सहमति दी है उसी सिलसिले में वहां मौजूद रहना है। हमें अजीब लगा कि अब कौन सी पूछताछ बाकी रह रही थी जांच एजेंसी को अचानक हमारे घर पर आना पड़ा।'
आगे उन्होंने कहा, 'मैं नार्को टेस्ट के लिए बहुत इच्छुक हूं। बहुत लोगों का कहना है कि हमने जबरदस्ती रिकॉर्डिंग बनाए हैं। जबकि ऐसा नहीं है। हमने कई और भी सबूत दिए हैं जो इस केस के लिए जरूरी साक्ष्य हैं। बहुत सारे सबूतों के बारे में तो जांच एजेंसी को ही पता नहीं था। हमें 50 करोड़ का ऑफर मिला था। हमने ही बताया था कि दुष्यंत कुमार गौतम वहां मौजूद थे। तो शायद सीबीआई को कहीं न कहीं लगता है कि हमारा नार्को टेस्ट होना चाहिए।'
फोन कॉल से खुला था VIP का राज
उर्मिला सनावर ही वह शख्स हैं जिन्होंने इस पूरे हत्याकांड में पहली बार किसी VIP का नाम सामने लाया था। उन्होंने अपने पति और बीजेपी नेता सुरेश राठौर से फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग उजागर की थी।
इस ऑडियो कॉल में सुरेश राठौर को अंकिता केस में एक VIP की मौजूदगी का जिक्र करते सुना गया था। इतना ही नहीं, उस बातचीत के दौरान उत्तराखंड के बीजेपी प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम का नाम भी सामने आया था। CBI अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मामले की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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VIP एंगल की जांच की मांग
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 साल की अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो स्टाफ को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद, अंकिता के परिजन मामले में शुरुआत से उठ रहे 'VIP एंगल' की निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम हैं। इसके चलते CBI इस दिशा में आगे की कार्रवाई कर रही है।