अंकिता भंडारी केस पर उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (
CBI
) की एक टीम शनिवार को उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के घर पहुंची और उनसे पूछताछ की। टीम अंकिता भंडारी मामले की जांच के सिलसिले में वहां गई थी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता की CBI अधिकारियों से मिल चुके हैं। शुक्रवार को अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और उनके पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी से भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनिल बलूनी ने मुलाकात की थी। वह CBI निदशक से भी मिले। उन्होंने CBI मुख्यालय में अधिकारियों के सवालों का जवाब भी दिया।
18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी की मौत हुई थी। मौत के 4 साल बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं मला है कि किस VIP की अनुचित मांग को पूरा करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे इनकार करने पर उसे मार दिया गया। अंकिता के माता-पिता का कहना है कि सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर नामित दुष्यंत गौतम ही वह VIP हैं।
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CBI से मिलने के बाद सुरेश राठौर ने क्या कहा?
सुरेश राठौर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई की पूछताछ के दौरान पूरा सहयोग किया और एजेंसी को सभी प्रासंगिक जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'मैंने जांच में सहयोग किया। मेरी कोई और टिप्पणी नहीं है। हमने सीबीआई को पूछताछ के दौरान पूरा सहयोग दिया और जांच से जुड़ी हर बात बता दी।' उर्मिला सनवार के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें उनके बारे में कुछ भी नहीं पता और वह नहीं जानते कि वह कौन हैं।
अचानक क्यों मचा है शोर?
अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक VIP की कथित भूमिका को लेकर दिल्ली से उत्तराखंड तक हंगामा बरपा है। यह विवाद BJP के उत्तराखंड के पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद और बढ़ गया है। CBI अधिकारियों ने माता-पिता को भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जाएगी।
इंडिया गेट पर अंकिता के परिवार ने धरना क्यों दिया?
अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। वे चाहते हैं कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रोकी जाए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में तिलक मार्ग थाने से छोड़ दिया।
उत्तराखंड पुलिस क्या कह रही है?
उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध और कानून व्यवस्था) वी मुरुगेशन ने गुरुवार को देहरादून में पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि अंकिता वंतरा रिजॉर्ट में काम करती थीं। यह इलाका लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में आता है। उनके मुताबिक पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों अभी जेल में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तुरंत विशेष जांच दल यानी SIT बनाई गई। जांच प्रभावी हो, इसके लिए DIG रैंक की एक महिला IPS अधिकारी को SIT का प्रमुख बनाया गया। अब CBI जांच का इंतजार है।
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अंकिता भंडारी केस क्या है?
18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा है। उनका शव 24 सितंबर को चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, बीजेपी के निष्कासित नेता विनोद आर्य का बेटा है। दो कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता का नाम भी चार्जशीट में है।
30 मई 2025 को कोटद्वार की अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रीना नेगी ने हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और अन्य आरोपों में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। SIT जांच में VIP का जिक्र एक कमरे के संबंध में आया था, लेकिन पुलिस ने कहा कि सजा तीन आरोपियों के खिलाफ सबूतों पर आधारित थी।
अंकिता के परिजन लंबे समय से उस 'VIP' मेहमान की पहचान मांग रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि शक्तिशाली लोगों को बचाया गया है। उनका कहना है कि जांच में नाम आने वाले किसी व्यक्ति को जांच एजेंसियों की मंजूरी के बिना संवैधानिक पद पर नियुक्त करना न्याय प्रक्रिया को कमजोर करता है।
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सुरेश राठौर से क्यों पूछताछ हुई है?
सुरेश राठौर, ज्वालापुर से बीजेपी विधायक रहे हैं। पार्टी से निकाले जा चुके हैं। वह अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी नहीं हैं। हत्या के दोषी रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने उम्रकैद की सजा दी है और वे जेल में हैं। उनका नाम दिसंबर 2025 में सामने आई जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो-वीडियो क्लिप वायरल कीं, जिनमें सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर की बातचीत में 'गट्टू' नाम के एक वीआईपी का जिक्र था।
उर्मिला ने आरोप लगाया कि यह वीआईपी अंकिता से स्पेशल सर्विसेस चाहता था। बीजेपी के तत्कालीन उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का नाम इससे लिंक किया गया। सुरेश राठौर ने इन क्लिप को एआई जनरेटेड और फर्जी बताकर खारिज किया, जिसके बाद दुष्यंत गौतम और अन्य की शिकायत पर उनके और उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून व हरिद्वार में कई एफआईआर दर्ज हुईं।
जून 2026 में सुरेश राठौर को कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कुछ एफआईआर रद्द कर दीं और बाकी में जांच जारी रहने दी। अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई से सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है।