कॉकरोच जनता पार्टी
(CJP) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रदेश के इस्तीफे को लेकर धरना जारी है। यह विरोध-प्रदर्शन लगातार 25 दिन से चल रहा है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा में विपक्ष के नेता
राहुल गांधी
समेत कई पार्टियों के बड़े नेताओं से संपर्क साथकर उनसे जंतर-मंतर आने और नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करने का आग्रह किया है।
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने और संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 9-10 जुलाई को विभिन्न नेताओं को नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।
प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने का आग्रह
दास ने बताया कि CJP ने जेपी नड्डा और राहुल गांधी के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लावु श्री कृष्ण देवरायलू, जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा और वाईएसआरसीपी के सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को भी पत्र लिखा है। इसमें उनसे जंतर-मंतर आने और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने का आग्रह किया गया है।
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इन नेताओं को लिखा पत्र
उन्होंने बताया कि CJP ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, डीएमके नेता कनिमोई और तिरुचि शिवा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष
अखिलेश यादव
और पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहंदी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और पार्टी की सांसद मीसा भारती को भी इस सिलसिले में पत्र भेजा है।
CJP ने जताया आभार
इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी ने टीवीके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
जोसेफ विजय
, आजाद समाज पार्टी प्रमुख सांसद चंद्रशेखर आजाद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भी इसी तरह का पत्र लिखा है। CJP ने कहा, 'इन पत्रों के भेजे जाने से पहले और उसके बाद भी सूची में शामिल कई नेताओं और उनके दलों ने युवाओं के हमारे आंदोलन का समर्थन किया है। कई नेता जंतर-मंतर आए, जबकि कुछ ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। भारत के युवाओं के साथ खड़े होने के लिए हम उन सभी का दिल से आभार जताते हैं।'
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कई अन्य नेताओं के जवाब का इंतजार
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा, 'हमें अभी भी कई अन्य नेताओं के जवाब का इंतजार है। हम एक बार फिर सभी नेताओं से अपील करते हैं कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर युवाओं की मांग का समर्थन करें। यह आंदोलन पूरी एक पीढ़ी की उस मांग का प्रतीक है, जो पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में विफलताओं और इस भ्रष्ट व जर्जर शिक्षा व्यवस्था के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए न्याय तथा मुआवजे की मांग कर रही है। इतिहास याद रखेगा कि जब युवाओं ने न्याय की मांग की थी, तब कौन उनके साथ खड़ा था।'
मांग को लेकर कई राजनीतिक दलों से संपर्क
वहीं, दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा, 'कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की हमारी मांग को लेकर सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया है।'
जंतर-मंतर पर 20 जून को शुरू हुए इस विरोध-प्रदर्शन को विपक्षी दलों के कई नेताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों का समर्थन मिल चुका है। दीपके ने कहा कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक
अरविंद केजरीवाल
और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें फोन कर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दीपके के अनुसार, दोनों नेताओं ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई और 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित मार्च को अपना समर्थन भी दिया।