चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में विरोध प्रदर्शन के बुलावे पर
कॉकरोच जनता पार्टी
(CJP) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। CJP के इलेक्शन कमीशन के खिलाफ प्रोटेस्ट के बुलावे को देखते हुए शिवाजी पार्क में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं इलाके के कुछ लोकल लोगों ने पार्क को प्रोटेस्ट साइट के तौर पर इस्तेमाल करने पर एतराज जताया है, लोगों का कहना है कि इससे यहां के लोकल लोगों को दिक्कत होती है।
शिवाजी पार्क के आसपास लोगों का कहना है कि हम यहां इस पार्क में घूमने आते हैं लेकिन यहां प्रोटेस्ट होने से आम लोगों को परेशानी होती है, लोगों ने कहा कि यह गलत है। यहां आसपास के लोगों ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और धरना योजना का कड़ा विरोध किया है।
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स्थानीय लोग कर रहे हैं प्रदर्शन का विरोध
CJP और उसके संस्थापक
अभिजीत दीपके
ने 2 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में 'जेल भरो आंदोलन' और धरना प्रदर्शन की घोषणा की थी। दादर और शिवाजी पार्क के निवासी इस विरोध प्रदर्शन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।
एक लोकल का कहना है, 'हम यहां इस पार्क में घूमने आते हैं, लेकिन हाल ही में यहां कई प्रोटेस्ट हो रहे हैं। आम लोगों को हो रही परेशानी के लिए कौन जिम्मेदार है? यह गलत है। अगर प्रोटेस्ट सही वजह के लिए है, तो ठीक है। सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए आजाद मैदान दिया है।'
एक और लोकल का कहना है, 'हम इसी इलाके में रहते हैं। आज, यहां काफी पुलिस है, और एक स्टेज बनाया गया है। यहां के लोकल एसोसिएशन ने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन को लिखा है कि यहां किसी भी प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। यहां स्कूल और हॉस्पिटल हैं, जिससे दिक्कत होती है। हम बस यही मांग कर रहे हैं कि ये लोग (CJP) प्रोटेस्ट करने के लिए आजाद मैदान जाएं।'
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CJP क्या मांग कर रही है?
CJP की तीन प्रमुख मांगें हैं, पहला मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफा दें, दूसरा,
SIR
के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल किया जाए, उन्होंने 2025 की मतदाता सूची को बरकरार रखने की मांग भी की है। पार्टी की तीसरी मांग अगले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है, इसके बावजूद CJP प्रदर्शन करेगी।
हालांकि, CJP के प्रदर्शन को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति सामने आ रही है। उनका कहना है कि प्रदर्शन की वजह से इलाके की शांति और रोजमर्रा का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए।