कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने शनिवार को बीजेपी की केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने 18वें ब्रिक्स समिट से पहले राजधानी दिल्ली में मुख्य ट्रांजिट रूट पर झुग्गी-झोपड़ियों और कम आय वाले इलाकों को विदेशी मेहमानों की नजरों से बचाने के लिए बड़े पर्दे और टेम्पररी बैरिकेड लगाने को लेकर मोदी सरकार को घेरा।
पवन खेड़ा ने सरकार पर गरीबी दूर करने के बजाय आने वाले विदेशी मेहमानों से भारत की सामाजिक-आर्थिक की असलियत छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए, पवन खेड़ा ने पोस्ट करके कहा, 'बीजेपी को सभी हिजाब मंजूर नहीं हैं, जो मोदी की नाकामियों को छुपाता है, वह उनका पसंदीदा हिजाब है।'
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भारत कर रहा ब्रिक्स की मेजबानी
बता दें कि भारत 12-13 सितंबर को अपनी 2026 की चेयरमैनशिप में 18वें ब्रिक्स समिट की मेजबानी कर रहा है। भारत की चेयरमैनशिप बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी थीम पर आधारित है, जिसमें विकास, सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन फोकस के मुख्य क्षेत्र हैं।
पीएम मोदी ने समिट की औपचारिक शुरुआत की
वहीं, नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की औपचारिक शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
ने शनिवार को कहा कि पिछले 20 सालों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने इस बार के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि ब्रिक्स किसी देश के खिलाफ नहीं है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए 'ग्लोबल साउथ' को नियमों का पालन करने वाले के बजाय नियम तय करने वाला बनना होगा। इस सम्मेलन में यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी युद्धों के वैश्विक प्रभाव से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को बचाने पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।