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रेलवे की देरी से CRPF जवानों का बुरा हाल, शाम 5 बजे मिला सुबह का नाश्ता

चुनाव ड्यूटी पर तैनात CRPF जवानों को रेलवे की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा। 10-25 घंटे ट्रेनें लेट चली। वहीं जवानों को सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे मिला।

CRPF inform Railways during election duty trains ran 25 hours late

DEMU ट्रेन इंजन, File Photo Credit: ANI

चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों की आवाजाही व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर बताया है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए जवानों को न तो समय पर ट्रेन मिली और न ही समय पर भोजन। कई मामलों में जवानों को सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे तक मिला, क्योंकि उनकी विशेष ट्रेनें 10 से 25 घंटे तक देरी से चलीं।

 

CRPF के इंस्पेक्टर जनरल की ओर से भेजे गए विस्तृत पत्र में यह शिकायत की गई है। यह पत्र चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण के दौरान रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। इसमें असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में तैनात जवानों को हुई परेशानियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

 

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230 में से 200 ट्रेनें लेट

पत्र के मुताबिक, चुनाव ड्यूटी के लिए चलाई गई 230 स्पेशल ट्रेनों में से करीब 200 ट्रेनें लेट पहुंचीं। इनमें से 150 से ज्यादा ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक देरी से चलीं, जबकि करीब 50 ट्रेनें तो 20 से 25 घंटे तक लेट रहीं। इस भारी देरी की वजह से जवानों के खाने और आराम की व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा।

 

देरी की वजह से खाने-पीने की पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई। कई बार जवानों को दिन का पहला खाना यानी सुबह का नाश्ता शाम 5 बजे के बाद मिला। IRCTC ने समय पर खाना पहुंचाने की कोशिश की लेकिन ट्रेनों के लगातार लेट होने की वजह से यह व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर पाई।

 

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कोच की कमी और खराब व्यवस्था पर भी नाराजगी

CRPF ने अपने पत्र में यह भी बताया कि कई ट्रेनों में पर्याप्त कोच उपलब्ध नहीं कराए गए। जहां 24 कोच की जरूरत थी, वहां केवल 19 से 20 कोच दिए गए, जिससे जवानों को बेहद भीड़भाड़ में यात्रा करनी पड़ी। कई जगहों पर कोचों की सफाई और रखरखाव भी खराब पाया गया, जिससे महिला जवानों सहित सभी कर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


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