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क्या खत्म हो गई अग्निपथ योजना? सेना ने दिए तीन अहम सवालों के जवाब

अग्निवीरों के लिए दो साल के सेवा विस्तार की घोषणा के बाद उनके करियर को लेकर कई सवाल उठने लगे थे। ऐसे में सेना की ओर से तीन अहम सवालों के जवाब दिए गए हैं।

CDS N S Raja Subramani अग्निपथ

CDS एन एस राजा सुब्रमणि, Photo Credit- ANI

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अग्निपथ योजना को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने अग्निवीरों के लिए दो साल के सर्विस एक्सटेंशन देने का ऐलान किया। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में पर्मानेंट पोस्टिंग मिलनी थी, जबकि 75 प्रतिशत की सर्विस खत्म होनी थी लेकिन अब सरकार ने उनकी सर्विस दो साल के लिए बढ़ा दी है। इस योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के भविष्य, स्थायी नियुक्ति को लेकर अभी भी लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे थे। अब सेना की तरफ से तीन अहम सवालों के जवाब दिए गए हैं। 

 

रक्षा अधिकारियों के हवाले से योजना से जुड़े तीन अहम सवालों के जवाब सामने आए हैं। इन जवाबों में दावा किया गया है कि अब अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने के लिए एक और अवसर मिलेगा और दूसरे कार्यकाल के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा। 

 

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75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा?

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबित, अग्निपथ योजना के तहत पहले चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद शुरुआती 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा। वहीं, बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का एक और कार्यकाल पूरा करने का मौका मिलेगा। दावा है कि इस दूसरे कार्यकाल के बाद बाकी सभी अग्निवीरों को भी नियमित सैनिक के रूप में भर्ती किया जाएगा। इसके लिए अग्निवीरों का इच्छुक होना, शारीरिक रूप से फिट रहना और अनुशासित होना जरूरी बताया गया है।

स्थायी नियुक्ति पर क्या बोले अधिकारी?

सेना में स्थायी नियुक्ति के बाद वरिष्ठता को लेकर भी रक्षा अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। उनके मुताबिक, दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों की वरिष्ठता सुरक्षित रखी जाएगी। जब उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा, तो उन्हें अपने ही बैच के उन अग्निवीरों के ठीक बाद जगह मिलेगी, जिन्हें चार साल बाद नियमित कैडर में शामिल किया गया था। यानी उन्हें बाद के बैचों के सैनिकों से जूनियर नहीं माना जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य अतिरिक्त दो साल सेवा देने वाले अग्निवीरों को वरिष्ठता के मामले में नुकसान से बचाना है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

रक्षा अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि अग्निपथ योजना को खत्म नहीं किया गया है। इसमें केवल दो साल का एक अतिरिक्त सेवा कार्यकाल जोड़ा गया है। पहले चार साल बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान जारी रहेगा। बाकी 75 फीसदी को दो साल और सेवा देने का मौका मिलेगा। इस दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक सैलरी, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे। दो साल पूरे होने के बाद निर्धारित एलिजिबिलिटी शर्तें पूरी करने वालों को नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा।

 

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क्या खत्म हो गई अग्निपथ योजना?

केंद्र सरकार ने 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अग्निपथ योजना में यह बदलाव कर दिया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि पिछले चार सालों में अग्निवीरों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है। इसी समीक्षा के आधार पर बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से अग्निवीरों के नियमित सैनिक बनने का रास्ता खुलेगा और सेना की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अग्निपथ योजना खत्म नहीं हुई है। 


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