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हरियाणा में एक साल में HIV के 9 हजार केस, स्वास्थ्य विभाग ने बनाई टास्क फोर्स

हरियाणा में एचआईवी-एड्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जिनमें 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। इन बढ़ते मामलों की रोकथाम को लेकर विभाग ने टास्क फोर्स का गठन किया है।

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प्रतीकात्मक फोटो। (Photo Credit - AI Generated)

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हरियाणा में एचआईवी-एड्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में 59 हजार के करीब एड्स संक्रमित हैं। इनमें करीब 38 हजार पुरुष, करीब 21 हजार महिलाएं और 18 साल से कम उम्र के करीब 15 हजार बच्चे शामिल हैं।

 

संक्रमण की वजह से हर साल करीब 250 लोगों की मौत हो रही है। काउंसिलिंग में सामने आया कि यौन संबंधों और इंजेक्शन वाला नशा प्रमुख वजह है। पिछले एक साल की बात करें तो एक साल में करीब 9 हजार एचआईवी संक्रमित बढ़े हैं।

 

वर्तमान में करीब 16 हजार एचआईवी संक्रमितों को 2250 रुपये मासिक पेंशन हरियाणा सरकार की ओर से विशेष सहायता योजना के तहत मिल रही है। हरियाणा सरकार की तरफ से पेंशन को लेकर चलाई जा रही विशेष सहायता योजना का लाभ उसको ही मिल रहा है, जिनकी पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से कम है।

 

एचआईवी रोकथाम के लिए जिलों को श्रेणियों में बांटा गया है। करनाल, हिसार, हांसी, झज्जर, अंबाला, पानीपत, रेवाड़ी, अंबाला, महेंद्रगढ़, नूंह, फतेहाबाद, यमुनानगर को संघर्षशील श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में रोकथाम पर अधिक जोर दिया जा रहा है। वहीं जींद, रोहतक, कैथल, कुरुक्षेत्र और सोनीपत को सुरक्षित जोन में रखा गया है।

 

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रोकथाम के लिए बनाई टास्क फोर्स

एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए हरियाणा में हाल ही में टास्क फोर्स बनाई गई है। स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के डीसी, सिविल सर्जन और जिला एड्स नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

 

जिलास्तर पर एडीसी इस टास्क फोर्स के अध्यक्ष होंगे। इस टास्क फोर्स में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खेल विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग व पुलिस विभाग समेत कई विभागों से 21 पदों पर प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

 

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एक सप्ताह में भेजनी होगी कार्रवाई रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के एड्स नियंत्रण अधिकारियों को एक सप्ताह में टास्क फोर्स के गठन कर कार्रवाई रिपोर्ट भेजने को कहा गया था। परियोजना निदेशक डॉ. मुक्ता की देखरेख में चलाए जा रहे अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जांच और उपचार की सुविधाओं से जोड़ना है। 

 

एचआईवी संक्रमित के परिवार वालों और नजदीकियों की जांच के लिए भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है। हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश में रोकथाम पर काम कर रही है।

 

हरियाणा में 105 इंटीग्रेटेड काउंसिलिंग एंड टेस्टिंग सेंट पर निशुल्क जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। 29 आर्ट केंद्रों में संक्रमितों को निशुल्क एंटीरेट्रोवायरल दवाइयां, सीडी 4 और वायरल लोड जांच, नियमित फॉलोअप और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा 31 सुरक्षा क्लीनिकों के माध्यम से यौन संचारित संक्रमणों की जांच और उपचार किया जा रहा है। ट्रक चालकों, प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 

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