दिल्ली के जंतर-मंतर पर
कॉकरोच जनता पार्टी
के प्रदर्शन के दौरान हाथापाई में गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार के सिर पर चोट आई। मौके से सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। इसके बाद पूछताछ तक उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद बवाल मच गया। निशु आजाद, अपने पिता, सीजेपी की टीम और चंद्रशेखर आजाद समेत कई लोगों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पहुंचकर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। घंटों के बवाल के बाद अब पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 72 घंटे के अंदर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस मामले को लेकर आज जमकर बवाल भी देखने को मिला। CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने इंडियन यूथ कांग्रेस दिल्ली के अध्यक्ष अक्षय लाकरा के साथ पुलिस से बात की। उन्होंने मांग की कि CJP नेता निशु आजाद और उनके पिता संजय से जुड़े मामले में दर्ज FIR में हत्या की कोशिश, SC/ST एक्ट और POCSO की धाराएं जोड़ी जाएं।
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पुलिस से क्या बातचीत हुई?
पुलिस से काफी लंबी बातचीत के बाद अब सभी पुलिस स्टेशन से निकल चुके हैं। निशु आजाद के वकील और AICC लॉ डिपार्टमेंट के ऋषभ रंजन ने कहा, 'पुलिस के साथ हुई बैठक में, एडिशनल DCP मंजीत शर्मा की मौजूदगी में, हमने मांग की कि मौजूदा FIR में हत्या की कोशिश, आपराधिक धमकी और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ी जाएं।' उन्होंने बताया कि पुलिस इसके लिए सहमत हो गई है।
इसके अलावा पुलिस से निशु के लिए सुरक्षा की मांग भी की गई। इस पर उनके वकील ने कहा, 'हमने मांग की है कि निशु को मिल रही ऑनलाइन धमकियों के लिए एक अलग FIR दर्ज की जाए। दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे स्वतंत्र भारद्वाज को आज या 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर सकते हैं। हमने उन अकाउंट्स की लिस्ट दी है जिनके ज़रिए निशु के खिलाफ ऑनलाइन बदसलूकी की जा रही है।'
स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई
इस मामले में अब स्वतंत्र भारद्वाज के सुर भी बदल गए हैं। पॉडकास्ट में उन्होंने जो बातें कहीं थी अब वह उसके विपरीत बयान देते हुए निशु के पिता पर हुए हमले को आत्मरक्षा बता रहे हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।'
उन्होंने अपने पक्ष में दलील देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी और अभी भी जांच चल रही है और मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं। इसके साथ ही उन्होंने पॉडकास्ट के क्लिप को लेकर कहा, '
राहुल गांधी
और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।'
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चंद्रशेखर ने क्या कहा?
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि हम सब ने देखा कि किस तरह से स्वतंत्र भारद्वाज हमला करने के बाद खुले तौर पर धमकी दे रहा है और पीड़ित परिवार को डरा रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को लगातार धमकी दे रहे हैं और उन्हें जान का खतरा है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पुलिस ने हमें 72 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस गिरफ्तारी नहीं करती है तो वह पुलिस कमिश्नर का घेराव करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो गृह मंत्री अमित शाह का भी घेराव करेंगे।
CJP ने क्या कहा?
इस मामले पर CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, 'जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हमारी साथी निशु के पिता संजय के साथ मारपीट हुई, उनका सिर फोड़ा गया। खुलेआम ये घटना हुई। लगातार हमारी टीम सौरव और हमारी पूरी टीम दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को आप गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा, पूरी कोशिश थी उन्हें जान से मारने की। खुद कबूल कर रहे हैं कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा और भाजपा के गुंडों की शय पर उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया।'
उन्होंने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा, 'आज देश के लिए, हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां पर खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले लोग दावा करते हैं कि उन्होंने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमारी पूरी टीम निशु और उनके पिता, संजय के साथ पहले दिन से खड़ी रही है। हम दिल्ली पुलिस से मांग करेंगे कि इन गुंडों को, जिन्होंने खुद की पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई जाएं, जितनी भी संगीन धाराएं उन पर लगती हैं, लगाई जाएं।'