देश आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
ने लाल किले की प्रचीर से तिरंगा झंडा फहराया। देश की सभी राज्यों की राजधानी में भी वहां के मुख्यमंत्रियों ने देश की शान तिरंगा फहराया। इसी के साथ कांग्रेस मुख्यालय में भी 15 अगस्त को तिरंगा फहराया गया। इस मौके पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष
सोनिया गांधी
की मौजूदगी में वंदे मातरम् गीत गाया गया। मगर, इसी को लेकर विवाद हो गया है।
बीजेपी ने सोनिया गांधी के ऊपर आरोप लगाया है कि उन्होंने वंदे मातरम् गा रहे लोगों को रोक दिया। बीजेपी प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि जब वंदे मातरम गाया जा रहा था तब सोनिया गांधी कथित तौर पर नाराज हो गईं। बीजेपी ने कहा कि इसी दौरान सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से वंदे मातरम् को रोकने के लिए कहा। RP सिंह ने सोनिया गांधी से सवाल किया है कि वंदे मातरम् से उन्हें इतनी नफरत क्यों है?
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कांग्रेस ने बीजेपी के आरोप पर दिया जवाब
हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी के इस आरोप का जवाब दिया है। कांग्रेस ने बीजेपी से साफ कहा है कि वंदे मातरम् के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान नहीं हुआ था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने साफ किया कि वंदे मातरम् को लेकर कोई विवाद नहीं है।
कांग्रेस ने याद दिलाई 1937 की बैठक
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा, 'वंदे मातरम् को लेकर अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें गांधी जी, नेताजी सुभाष चंद बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और पंडित जवाहरलाल नेहरू मौजूद थे। इस बैठक में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर उन्होंने फैसला लिया कि वंदे मातरम् कांग्रेस अधिवेशनों में गाया जाएगा। रवींद्रनाथ टैगोर ने यह सलाह दी थी कि पहली पंक्तियों का इस्तेमाल किया जाए और तब से कांग्रेस अधिवेशनों में हमारे कार्यकर्ता और सभी लोग वंदे मातरम् गाते हैं। इसमें कोई विवाद नहीं है।'
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी इसपर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वंदे मारतम् को लेकर कोई विवाद नहीं है। वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी इसपर सवाल उठाए हैं।