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'माइलेज कम हो सकता है, गाड़ी खराब नहीं होगी', E20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी

E20 पेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही हैं, सोशल मीडिया पर ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं। इन पर नितिन गडकरी ने क्या कहा है, पढ़ें रिपोर्ट।

Nitin Gadkari

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। Photo Credit: NitinGadkari/FB

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन इससे इंजन या गाड़ी को कोई नुकसान नहीं होता। 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल से गाड़ियों को कोई खतरा नहीं है। जो लोग इंजन खराब होने का दावा कर रहे हैं, वे गलत हैं। 

नितिन गडकरी ने कहा है कि एथेनॉल की कैलोरी वैल्यू पेट्रोल से कम होती है, इसलिए माइलेज पर कुछ असर पड़ता है। ज्यादातर मामलों में यह असर बहुत कम होता है। शहरों में ट्रैफिक में चलने वाली गाड़ियों पर इसका प्रभाव और भी कम दिखता है।

नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गाड़ी खराब होने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है, जिसमें एथेनॉल की वजह से गाड़ियां खराब हो रही हैं। 

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नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री:-
यह एक झूठी कहानी फैलाई जा रही है। E20 को देशभर में लाने से पहले ARAI लैब और गाड़ी कंपनियों ने कई टेस्ट किए थे। पुरानी गाड़ियों में कुछ पार्ट्स पर थोड़ा असर पड़ सकता है। इसलिए सर्विसिंग के समय कंपनियां उन्हें मुफ्त में बदल रही हैं। एक भी ऐसी गाड़ी दिखाओ जो E20 से खराब हुई हो।

किन गाड़ियों का माइलेज खराब हो रहा है?

नितिन गडकरी ने फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'फ्लेक्स इंजन वाली गाड़ियों में माइलेज की कोई समस्या नहीं है। टाटा, महिंद्रा, हुंडई, टोयोटा और मारुति समेत कई कंपनियां जल्द फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां ला रही हैं।'

'भारत में मिले अलग-अलग ब्लेंड चुनने का विकल्प'

ब्राजील का उदाहरण देते हुए नितिन गडकरी ने कहा, 'ब्राजील में 1970 से ही 27% एथनॉल ब्लेंड चल रहा है। वहां की गाड़ियां बिना किसी समस्या के चल रही हैं। भारत में भी लोगों को अलग-अलग ब्लेंड का चुनाव करने का विकल्प देना चाहिए।'

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'स्वदेशी ईंधन ही इकलौता रास्ता'

नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री:-
हम विदेशी तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहते। भारत को अपने संसाधनों से बने ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'तेल आयात कम करने के लिए स्वदेशी ईंधन ही एकमात्र रास्ता है। इसके लिए मेथनॉल, आइसो-ब्यूटानॉल जैसी कई स्वदेशी तकनीकों पर काम चल रहा है। इससे प्रदूषण भी कम होगा और पैसे की बचत होगी।'

 

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क्या E20 से खराब हो रही हैं गाड़ियां?

ई20 पेट्रोल से गाड़ियों के खराब होने के दावे सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई गाड़ी मालिक दावा कर रहे हैं कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से इंजन में पानी भरना, फ्यूल पंप और इंजेक्टर खराब होना, रबर पार्ट्स घिसना, माइलेज में भारी कमी आना, स्टार्टिंग की समस्या और पुरानी गाड़ियों में इंजन नॉक जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं। कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि फ्यूल टैंक पर चीटियां लग रही हैं, कुछ में दावा किया जा रहा है कि इस पेट्रोल से इंजन खिस रहा है।  

सरकार और ऑटो कंपनियां क्या कह रही हैं?

सरकार और ऑटो कंपनियां इन दावों को खारिज करते हुए कह रही हैं कि व्यापक टेस्टिंग में कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई है, हालांकि पुरानी गाड़ियों में 1-6 प्रतिशत तक माइलेज में गिरावट संभव है। नियमित सर्विसिंग से इसे मैनेज किया जा सकता है।  

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