वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में हाल ही में हुए टैरिफ (आयात शुल्क) बदलावों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। सरकार इस स्थिति पर नजर रख रही है और इस पर विचार कर रही है।
नई दिल्ली में आरबीआई की 621वीं सेंट्रल बोर्ड मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वित्त मंत्री ने आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के साथ कहा कि वाणिज्य मंत्रालय अमेरिका के नए टैरिफ नियमों के भारत के साथ व्यापार, निवेश और मुख्य निर्यात क्षेत्रों पर प्रभाव की जांच कर रहा है।
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अमेरिकी कोर्ट ने किया था रद्द
उन्होंने कहा, 'भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका असर बताना अभी जल्दी है। व्यापार के मामले में कॉमर्स मिनिस्ट्री स्थिति पर नजर रखे हुए है और आगे की बातचीत के लिए कब अमेरिका जाना है, यह प्रतिनिधिमंडल तय करेगा।'
बता दें कि 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 'रेसिप्रोकल' टैरिफ को रद्द कर दिया था, जो इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए थे। इसके बाद ट्रंप ने 20 फरवरी को एक नया एक्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया, जिसमें सभी देशों से आने वाले आयात पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया गया, जो 24 फरवरी 2026 से लागू होगा।
यह ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत किया गया। 21 फरवरी को ट्रंप ने इस टैरिफ दर को 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया और कोर्ट के फैसले की आलोचना की, इसे 'एंटी-अमेरिकन' बताया।
सोने-चांदी की क्यों बढ़ रही?
वित्त मंत्री ने इस दौरान सोने की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कहा कि इसका कारण है दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बहुत ज्यादा सोना और चांदी खरीद रहे हैं और उसे स्टोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'आजकल ज्यादातर देशों के केंद्रीय बैंक सोना-चांदी खरीद रहे हैं और स्टोर कर रहे हैं। इस वजह से कीमतों में तेजी आई है। घरेलू स्तर पर भी सोना हमेशा पसंदीदा निवेश रहा है, और त्योहारों के समय मांग और बढ़ जाती है। हम इस पर नजर रख रहे हैं, लेकिन यह चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंचा है। आरबीआई भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है।'
सोमवार को एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में 2,946 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 1,59,822 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड 1.9% बढ़कर 5,177 डॉलर प्रति औंस पर गया।
निवेश बढ़ाने की अपील
बीमा उत्पादों की मिस-सेलिंग (गलत तरीके से बेचना) के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक अपने मुख्य काम (कोर बिजनेस) पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ स्टोरी में हर किसी को हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने इंडिया इंक (कंपनियों) से निवेश बढ़ाने की अपील की।
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यह बयान बजट के बाद आरबीआई की सेंट्रल बोर्ड मीटिंग के बाद दिया गया, जिसमें वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे। सरकार अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर भी नजर रख रही है और स्थिति का आकलन कर रही है।