भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर मतभेदों को लेकर एक और बड़ी बात सामने आई है। 'सूचना का अधिकार' (RTI) कानून के तहत जारी किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इन पत्रों में उन्होंने आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग के कामकाज के तरीके पर आपत्ति जताई थी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
दोनों चुनाव आयुक्तों ने आरोप लगाया था कि मनीष गर्ग ने चुनाव आयुक्तों से चर्चा किए बिना अधिकारियों के कामकाज का बंटवारा बदल दिया। इसको लेकर 29 जुलाई 2026 को कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। कैबिनेट सचिवालय ने ये पत्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजे दिए।
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शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
3 अगस्त को कैबिनेट सचिवालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त से शिकायतों पर राय लेने का सुझाव दिया लेकिन 4 अगस्त के नोट में कहा गया कि दोनों आयुक्तों ने अपनी व्यक्तिगत हैसियत से पत्र लिखे थे। चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई थी। इसलिए कार्रवाई करना उचित नहीं होगा।
दोनों आयुक्तों को सिर्फ यह बताया गया कि उनके पत्र मिल गए हैं। 5 अगस्त को भेजे गए इन जवाबों की कॉपी DoPT के सचिव, विभाग के स्थापना अधिकारी और CEC के प्रधान निजी सचिव को भी भेजी गई थी।
RTI के जवाब से पता चलता है कि इनकी एक प्रति CEC को भी भेजी गई थी। कैबिनेट सचिव ने इन पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि ये पत्र निर्वाचन आयोग की ओर से नहीं, बल्कि दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा अपनी व्यक्तिगत हैसियत से लिखे गए थे।
संवैधानिक संस्था में दखल का डर
RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, 4 अगस्त के नोट में कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिसे चुनाव आयोग के काम में दखल माना जाए। साथ ही, मनीष गर्ग के खिलाफ शिकायत को DoPT के रिकॉर्ड में रखने का सुझाव दिया गया, ताकि भविष्य में उनके बारे में फैसला लेते समय इस पर विचार किया जा सके। RTI कार्यकर्ता रिटायर्ड कमोडोर लोकेश बत्रा ने 24 सितंबर को आवेदन दिया था।
IT विभाग की फाइलों पर विवाद
दोनों चुनाव आयुक्तों ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को पत्र लिखे थे। संधू ने मनीष गर्ग के 28 जुलाई के आदेश की कॉपी भी भेजी थी, जिसमें अधिकारियों के काम का बंटवारा बदला गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद IT विभाग की फाइलें भेजने का तरीका बदलने को लेकर था। पहले ये फाइलें उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार के पास जाती थीं।
चुनाव आयुक्तों के मुताबिक, गर्ग को 28 जुलाई को प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला था। उसी दिन उन्होंने वरिष्ठ और बराबर रैंक के अधिकारियों के काम का बंटवारा बदल दिया, लेकिन आयुक्तों से चर्चा नहीं की। दोनों ने अपने पत्रों में 2023 के CEC/EC अधिनियम की धारा 18(1) और 18(2) का हवाला दिया। विवेक जोशी ने यह भी कहा कि प्रशासन विभाग से मांगी गई एक फाइल उन्हें नहीं दी गई।