पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा की आग एक बार फिर भड़क उठी है। पिछले 24 घंटे में अलग-अलग हिंसा में एक महिला समेत 5 लोगों की मौत हुई है। 14 घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। कामजोंग और उखरुल जिलों में सशस्त्र समूहों के हुई झड़प में एक महिला सहित पांच लोगों की जान गई। हिंसा के बाद कामजोंग जिला मजिस्ट्रेट ने एहतियाती कदम उठाया और चासाद थाने के 400 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चासाद थाने के पास सुरक्षा बलों और सशस्त्र समूहों के बीच हुई झड़प में 42 वर्षीय महिला की मौत के बाद ताजा हिंसा भड़की। मृतक महिला की पहचान डोमखोनी तौथांग के तौर पर हुई है। वह अपने पीछे पांच बच्चों को छोड़कर गई है। अधिकारियों के मुताबिक गर्दन के पास गोली लगने से महिला की कुछ देर में ही मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि नागा और कुकी समुदाय के बीच गोलीबारी शनिवार सुबह तक जारी रही। फायरिंग में एक 22 वर्षीय युवक की जान गई।
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उग्रवादियों ने दो ग्रामीणों को मारी गोली
कामजोंग जिले में ही एक अन्य घटना में उग्रवादियों ने म्यांमार सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती में फायरिंग की। इसमें 35 वर्षीय नगाचांसो निंगशेन और 48 वर्षीय लीशिशां लीशादांग की मौत हो गई। उग्रवादी हमले को अंजाम देने के बाद म्यांमार लौट गए हैं। उधर, फायरिंग की जानकारी मिलने पर सुरक्षा बल गांव पहुंचे और स्थिति को काबू किया।
उखरुल में वाहन चालक की हत्या
मणिपुर के ही उखरुल जिले में एक अन्य घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक यात्री को मौत के घाट उतार दिया। चेपु याओलेन के पास उग्रवादियों ने घात लगाकर एक गाड़ी पर फायरिंग की। गोली लगने से वाहन चालक संदीप राय की मौत हो गई।
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तीन साल से हिंसा की चपेट में मणिपुर
मणिपुर में तीन साल पहले यानी 2023 में हिंसा की आग भड़की। कुकी-जो और मेइती समुदाय के बीच जारी हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उसके बाद से ही प्रदेश में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है। इसी साल नागा और कुकी समुदाय के बीच हिंसा की नई आग भड़की। अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। बड़ी संख्या में आगजनी को अंजाम दिया गया। सबसे अधिक उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलांग, नोनी और सेनापति जिले हिंसा से प्रभावित हैं।