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'पता नहीं क्या योग्यता चाहिए', NSUI प्रेसिडेंट वाले इंटरव्यू पर बोले रौनक खत्री

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी पक्ष जनता के सामने रखा है।

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राहुल गांधी के साथ रौनक खत्री। Photo Credit (@ronak_khatrii)

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कांग्रेस पार्टी अपनी छात्र इकाई NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए अंतिम प्रक्रिया में है। इस प्रक्रिया के तहत लोकसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी खुद इंटरव्यू ले रहे हैं। खबर है कि अध्यक्ष पद को लेकर 15 उम्मीदवारों के इंटरव्यू हो चुके हैं।  

 

इस बीच दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री का बयान सामने आया है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल रही थी कि रौनक खत्री भी NSUI अध्यक्ष बनने के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे थे। इन कथित अफवाहों के बीच रौनक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखी है। अपनी पोस्ट में उन्होंने अध्यक्ष पद के चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए नाराजगी जाहिर की है।

 

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मुझे संगठन से कोई शिकायत नहीं- रौनक

रौनक खत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, 'पिछले कुछ दिनों से मेरा नाम NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चल रहे इंटरव्यू से अनावश्यक रूप से जोड़ा जा रहा है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मुझे इंटरव्यू के लिए कोई कॉल नहीं आया। हां, मैं प्रतीक्षा कर रहा था। लेकिन अगर पार्टी को लगता है कि मैं इस प्रक्रिया के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं हूं, तो मैं उनके निर्णय का पूर्ण सम्मान करता हूं। मुझे संगठन से कोई शिकायत या खेद नहीं है।'

 

उन्होंने आगे कहा, '..लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि किसी को भी यह नहीं पता कि उस इंटरव्यू में बैठने के लिए योग्यता मानदंड क्या है। मेरा मानना ​​है कि संगठन के लिए अथक परिश्रम करने वाले हर व्यक्ति को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।'

 

 

 

क्या सवाल पूछ रहे हैं राहुल गांधी?

बता दें कि राहुल गांधी ने इंटरव्यू में दावेदारों से विस्तृत सवाल-जवाब किए हैं। बताया गया है कि राहुल इंटरव्यू में चर्चा में राजनैतिक समझ, सोशल मीडिया पर सक्रियता, गुटबाजी से दूर रहने की क्षमता, विचारधारा की मजबूती और संगठन के प्रति समर्पण जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सवाल पूछ रहे हैं। यह इंटरव्यू कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा हैं, जहां युवा नेतृत्व को विचारधारा और ग्राउंड लेवल की पकड़ दोनों पर परखा जा रहा है। 

 

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रौनक ने गिनाईं अपनी उपल्ब्धियां

पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक ने कहा कि संगठन ने उनपर भरोसा किया और उन्हें अध्यक्ष पद के लिए टिकट दिया। ऐसे में उस भरोसे के बल पर, NSUI सात साल बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ में मजबूती से वापस लौटी। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद जीतना केवल एक पद धारण करना नहीं था बल्कि यह एक जिम्मेदारी थी।

 

रौनक ने विश्वविद्यालय छात्र संघ का अध्यक्ष रहने हुए अपनी उपल्ब्धियां भी गिनाई हैं। उन्होंने कहा, 'अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने 11 राज्यों के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का दौरा किया, छात्रों के मुद्दों को उठाया और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया। आज भी, अगर पार्टी मुझे कोई जिम्मेदारी देती है, तो मैं पूरी ईमानदारी और मेहनत से उस भूमिका को और भी बेहतर तरीके से निभाना जानता हूं।'

'छात्रों की आवाज बुलंद करता रहूंगा'

उन्होंने कहा, 'मुझे देश भर के छात्रों से हर दिन हजारों कॉल और मैसेज मिलते हैं, जिनमें वे अपनी समस्याएं और चिंताएं साझा करते हैं। मैं उनकी आवाज बुलंद करता रहूंगा। मेरा समर्पण छात्रों के लिए है। मेरी वफ़ादारी विचारधारा के प्रति है। मेरी प्रतिबद्धता संगठन के प्रति है।'

हालांकि, रौनक खत्री की इस पोस्ट को लेकर NSUI की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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