अनएकेडमी ऑनलाइन एजुकेशन के साथ-साथ ऑफलाइन एजुकेशन में एक बहुज बड़ा नाम है लेकिन कंपनी अब अपने एक फैसले के कारण विवाद में फंस गई है। अनएकेडमी ने फैसला किया है कि अब वह अपने ऑफलाइन लर्निंग सेंटर्स बंद करने जा रही है और इस कंपनी को फ्रैंचाइजी मॉडल में बदलने जा रही है। 14 जनवरी को कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इस संबंध में मेल भेजा था और अब इस फैसले को लागू करने पर विवाद हो रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि जब कोचिंग सेंटर बंद हो रहा है तो उनकी फीस वापिस की जाए लेकिन कंपनी अब सभी छात्रों की फीस वापिस नहीं कर रही है।
लल्लनटॉप की एक रिपोर्ट में कुछ छात्रों ने बताया कि कंपनी ने कुछ ही छात्रों को मेल भेजकर फीस रिफंड की जानकारी दी है लेकिन अन्य छात्रों को इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी है। कोचिंग बंद होने और फीस रिफंड ना होने पर छात्र कोचिंग सेंटर में बवाल कर रहे हैं और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
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छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
छात्रों का आरोप है कि बैच पूरा ना होने के बावजूद भी उन्हें फीस रिफंड नहीं की जा रही और कंपनी ने कहा कि आपकी एडमिशन जनवरी में हुई थी इसलिए आपको फीस रिफंड नहीं होगी। एक छात्रा ने बताया कि अभी तक उनका 30 प्रतिशत सिलेबस भी पूरा नहीं हुआ है लेकिन फिर भी कंपनी उनकी फीस वापिस नहीं कर रही है।
एक छात्र ने बताया, 'जब हमने बैच लिया था कि आप 2 साल तक किसी भी बैच में आ सकते हैं। मैंने 2025 से 2027 बैच लिया था लेकिन अब कह रहे हैं कि आप एक साल ऑनलाइन कर लीजिए। जब बैच लेना था तो काउंसलर ने कहा था कि अभी डिस्काउंट है तो बैच ले लीजिए।' अब रिफंड के नियमों पर कंपनी छात्रों को कुछ नहीं बता रहे हैं।
रूम में बंद करने का लगाया आरोप
छात्रों ने बताया कि जब कल हम फीस के बारे में रिफंड की बात करने आए तो इन्होंने पूरा दिन बैठे रहे और जब शाम हुई तो ये लोग कमरे की लाइट बंद करके रूम बंद करके चले गए। छात्रों ने आरोप लगाए कि यह लोग अपने हिसाब से नियम बना रहे हैं और हमें कोई भी जानकारी नहीं दे रहे हैं। कई लड़कों के साथ दो लड़कियों को कमरे में बंद करके लाइट ऑफ कर दी लेकिन हमारी एक नहीं सुनी।
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छात्रों ने कहा कि काउंसलर से ही हमने यहां आने पर बात की और जब कोचिंग बंद होने की बात आई तो इन्होंने सबसे पहले काउंसलर को ही निकाल दिया। एक छात्र ने बताया, 'मैंने दो साल का बैच लिया था लेकिन अब यह लोग कह रहे हैं कि ऐसा कोई बैच नहीं है। जब मैंने वेबसाइट पर दिखाया तो कहने लगे कि यह आधा ऑनलाइन है।' छात्रों ने आरोप लगाया कि एक ही कोर्स के लिए अलग-अलग छात्रों से अलग-अलग फीस ली गई। इसके साथ ही जिन टीचर्स को दिखाकर एडमिशन करवाए गए वह पहले ही छोड़कर चले गए।