देश में E20 पेट्रोल को लेकर बहस लगातार बढ़ती जा रही है। कई लोगों का कहना है कि एथेनॉल मिला पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेज कम हो गया है और मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ गया है। वहीं, सरकार का दावा है कि E20 पेट्रोल से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर है। ऐसे में लोगों के मन में एक और सवाल उठ रहा है कि क्या प्रीमियम पेट्रोल में एथेनॉल कम मिलाया जाता है या फिर वह पूरी तरह एथेनॉल-फ्री होता है?
पुरानी गाड़ियों के कई मालिक प्रीमियम पेट्रोल को बेहतर मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका मानना है कि महंगे पेट्रोल में एथेनॉल कम होता है, इसलिए इंजन पर इसका असर भी कम पड़ता है। वहीं तेल कंपनियों की जानकारी कुछ और ही कहती है। हर प्रीमियम पेट्रोल एथेनॉल-फ्री नहीं होता। अलग-अलग कंपनियों और पेट्रोल के अलग-अलग ग्रेड में एथेनॉल की मात्रा अलग हो सकती है।
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पेट्रोल कंपनियों का क्या कहना है?
इंडियन ऑयल अपने पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल के अलावा XP95 और XP100 पेट्रोल भी बेचती है। XP100 में एथेनॉल है या नहीं इसे लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। पहले कंपनी ने सोशल मीडिया पर कहा था कि इसमें 10% एथेनॉल मिलाया जाता है। बाद में एक RTI के जवाब में इंडियन ऑयल ने बताया कि XP100 पूरी तरह एथेनॉल-फ्री है। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और लैब टेस्ट में भी यह सामने आया कि इस पेट्रोल में या तो एथेनॉल बिल्कुल नहीं है या उसकी मात्रा बेहद मामूली है।
वहीं, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के अनुसार उसके सामान्य पेट्रोल में अधिकतम 20 फीसदी एथेनॉल हो सकता है। जबकि Power 95 में करीब 15 फीसदी, Power 99 में 11 फीसदी और Power 100 में अधिकतम 4.5 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता है। यानी HPCL का प्रीमियम पेट्रोल भी पूरी तरह एथेनॉल-फ्री नहीं है।
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भारत पेट्रोलियम (BPCL) के मुताबिक, सामान्य RON-91 पेट्रोल में अधिकतम 12 फीसदी एथेनॉल हो सकता है, जबकि RON-97 प्रीमियम पेट्रोल E20 कैटेगरी का है और उसमें अधिकतम 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता है। कंपनी का कहना है कि यह मात्रा सप्लाई के हिसाब से थोड़ी बदल सकती है।
शेल इंडिया का कहना है कि उसके नॉर्मल पेट्रोल और Shell V-Power दोनों में सरकार के नियमों के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा 20 फीसदी तक एथेनॉल मिलाया जाता है। V-Power पेट्रोल में बस इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर करने के लिए कुछ खास एडिटिव्स डाले जाते हैं। वहीं, Jio-bp का भी कहना है कि वह पूरे देश में सिर्फ E20 पेट्रोल ही बेच रही है।
वाहन मालिक क्या रखें ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ इसलिए कि कोई पेट्रोल महंगा है यह मान लेना सही नहीं है कि उसमें एथेनॉल नहीं मिला है। हर कंपनी और हर तरह के पेट्रोल की अपनी अलग संरचना हो सकती है। इसलिए गाड़ी में पेट्रोल भरवाने से पहले लोगों को कंपनी की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लेनी चाहिए। खासतौर पर अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के मालिकों को कंपनी की सलाह के हिसाब से ही पेट्रोल का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि इंजन की परफॉर्मेंस और उसकी उम्र पर कोई असर न पड़े।