केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को गांधी परिवार पर बड़ा हमला किया। उन्होंने न केवल सोनिया और राहुल गांधी, बल्कि राजीव व इंदिरा गांधी पर कॉम्प्रोमाइज्ड होने का आरोप लगा दिया। गोयल ने राहुल गांधी पर भारत विरोधी विदेशी ताकतों से मिले होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शायद वह (राहुल गांधी) दुनिया में भारत के बढ़ते वर्चस्व और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को सहन नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण वह झूठ बोलकर राष्ट्रहित को कॉम्प्रोमाइज कर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीयूष गोयल ने कहा, 'गांधी परिवार पूरी तरह से कॉम्प्रोमाइज्ड राजनीतिक परिवार है। राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी एक कॉम्प्रोमाइज्ड परिवार और राजनीतिक पार्टी है। राहुल गांधी का मतलब कॉम्प्रोमाइज है। गांधी परिवार पूरी तरह से एक कॉम्प्रोमाइज्ड परिवार है।'
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राहुल गांधी नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय
उन्होंने आगे कहा, 'कांग्रेस पार्टी का इतिहास देख ले या वर्तमान। चाहे उनके भ्रष्टाचार के अलग-अलग किस्से हो, किस प्रकार से वे विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित कॉम्प्रोमाइज करते हैं। किस प्रकार से देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य को पूरी तरह से कॉम्प्रोमाइज करते हैं। उसके अनेक उदाहरण देश और जनता के सामने हैं। राहुल गांधी नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय बन गए हैं।'
'कॉम्प्रोमाइज राहुल गांधी ने 247 बार की विदेश यात्रा'
गोयल ने आगे आरोप लगाया, 'एक कॉम्प्रोमाइज राहुल गांधी 247 बार विदेश यात्रा पर जाते हैं। वह येलो बुक प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सरकार जो इंतजाम करती है, उसको कॉम्प्रोमाइज करते हैं। बाहर जाकर वहां भारत और भारतवासियों के साथ कॉम्प्रोमाइज होते हैं। किस प्रकार से देश विरोधी ताकतों से उनके संबंध हैं। जॉर्ज सोरोस के साथ इल्हान उमर के अवैध संबंध सामने आते रहते हैं। उनसे मिलते-जुलते हैं।'
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर देश विरोधी तत्वों के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कैसे वह लद्दाख के बॉर्डर-सेंसिटिव इलाके में जाते हैं और भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाले विदेशी लोगों जैसे शाकिर मिराली के साथ संबंध रखते हैं। हम सभी बार-बार देखते हैं कि कैसे राहुल गांधी सोरोस, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से जुड़े व्यक्तियों के साथ अपने देश से कॉम्प्रोमाइज करते हैं। यह हम बार बार देखते हैं। भारत को आर्थिक रूप से कमजोर बनाना। भारत की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना। इसके लिए वह OCCRP जैसे संगठनों के टूलकिट का इस्तेमाल बार बार करते हैं।'
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मनमोहन सरकार का क्यों किया जिक्र
पीयूष गोयल ने यह भी कहा, 'आपने देखा कि मनमोहन सिंह की सरकार के समय भी कैसे राहुल गांधी और सोनिया गांधी संविधान से परे शक्तियां अपने पास रखते थे। कभी कैबिनेट का निर्णय प्रेस के सामने फाड़ के ध्वस्त कर दिया। देश के प्रधानमंत्री को बेइज्जत करना। कैसे नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से सरकार चलाना और देश पर वामपंथी विचारधारा थोपना?'
राजीव गांधी भी कॉम्प्रोमाइज थे: गोयल
गोयल ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी एक पैरेलर कैबिनेट चलाते थे और देश को कॉम्प्रोमाइज करते थे। सिर्फ सोनिया और राहुल गांधी ही देश से कॉम्प्रोमाइज नहीं किया। उन्होंने सिर्फ सुपर पीएम की तरह अपनी राजनीति चलाकर देश को कॉम्प्रोमाइज नहीं किया। राजीव गांधी भी देश को कॉम्प्रोमाइज करने से कभी पीछे नहीं हटे। हम सब जानते हैं कि बोफोर्स घोटाले में कैसे स्वीडिश अधिकारियों को राहुल गांधी के कहने पर विदेश मंत्री ने कोशिश की कि जांच को थाम दिया जाए।
'सीआईए के माध्यम से कांग्रेस अपनी राजनीति चलाती थी'
हम सब जानते हैं कि कैसे अपने दोस्त ओतावियो कैटराची को बचाने के लिए एक ईमानदार जांच होने नहीं दी गई। पता नहीं है कि बोफोर्स में कांग्रेस और राजीव गांधी का क्या हाथ था। यह हाथ लाखों-करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार में पाया गया। उन्होंने आगे कहा कि इंदिरा गांधी भी देश के हितों से कॉम्प्रोमाइज करने में पीछे नहीं रहीं। हमने देखा कि कैसे राजदूत मोयनिहान ने इस बात की पुष्टि की कि सीआईए ने बार-बार कांग्रेस को चुनाव के लिए फंड दिया। सीआईए के माध्यम से कांग्रेस अपनी राजनीति चलाती थी।