रूह अफजा शरबत बनाने वाली कंपरनी हमदर्द को एक बड़ी जीत हासिल हुई है। सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने अपना फैसला सुनाया है कि एक फ्रूट ड्रिंक है इस वजह से उस पर सिर्फ 4 प्रतिशत वैट ही लगेगा। इससे पहले इस पर उत्तर प्रदेश वैल्यू ऐडेड टैक्स ऐक्ट, 2009 के तहत 12.5 प्रतिशत टैक्स लग रहा था। हमदर्द ने इसी को चुनौती दी थी और लंबे समय से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रूह अफजा को फ्रूट ड्रिंक मानने से इनकार कर दिया था और हमदर्द ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
बुधवार को जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि उत्तर प्रदेश वैल्यू ऐडेड टैक्स ऐक्ट, 2008 के शेड्यूल II की एंट्री 103 के तहत रूह अफजा एक फ्रूट ड्रिंक है। इस फैसले ने हमदर्द को राहत दे दी है। इस फैसले का नतीजा यह होगा कि रूहअफजा पर कम टैक्स लगेगा और इसकी कीमत भी कम हो सकती है।
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क्या है मामला?
इस मामले की शुरुआत इसी से हुई थी कि हमदर्द के रूहअफजा पर कितना टैक्स लगेगा। सवाल था कि UP VAT ऐक्ट के शेड्यूल II के पार्ट A की एंट्री 103 के तहत इसे फ्रूट ड्रिंक माना जाय या फिर इसे शेड्यूल के तहत ऐसी चीज माना जाए जिस पर 12.5 पर्सेंट टैक्स लगे। साल 2007-08 और 2008-09 में हमदर्द ने ने इसे फ्रूट ड्रिंक बताकर 4 पर्सेंट VAT ही चुकाया।
हालांकि, सरकार इससे सहमत नहीं थी और उसका मानना था कि इस पर 12.5 पर्सेंट VAT लगना चाहिए। हमदर्द ने पहले इसे कॉमर्शियल टैक्स ट्राइब्यूनल में चुनौती थी। फिर मामला जुलाई 2018 में इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा और हाई कोर्ट ने भी ट्राइब्यूनल के फैसले को बरकरार रखते हुए हमदर्द की याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि फ्रूट ड्रिंक मांगने वालों को रूह अफजा ना दिया जाए।
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हमदर्द ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुना दिया है और आखिर में हमदर्द को जीत मिली है।