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लॉरेंस बिश्नोई जेल में, गुर्गे बिखरे, फिर कौन चला रहा गैंग?

लॉरेंस और गोल्डी की दुश्मनी के चलते दोनों का गैंग अब दो हिस्सों में बंट गया है। इस झगड़े से अंडरवर्ल्ड में गैंगवार का खतरा बढ़ गया है जिससे पुलिस और एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

Lawrence Bishnoi

लॉरेंस बिश्नोई, Photo Credit: Social Media

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भारत के दो सबसे खतरनाक गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ अब अलग हो गए हैं। ये दोनों लंबे समय से मिलकर सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी जैसे बड़े मामलों को अंजाम दे रहे थे। लॉरेंस अभी गुजरात की साबरमती जेल में है जबकि गोल्डी बराड़ अमेरिका से अपना काम चला रहा है। इन दोनों का अलग होना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता की बात है,  अब उनके बीच गैंगवार होने का खतरा बढ़ गया है। इनके इस झगड़े की मुख्य वजह लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई का अमेरिका में पकड़ा जाना और वहां गोल्डी बराड़ द्वारा उसकी सही तरीके से मदद न करना है।

 

नवंबर 2024 में लॉरेंस के 25 साल के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में पकड़ा गया। अनमोल पर जाली कागजात इस्तेमाल करने का आरोप था। लॉरेंस ने अमेरिका में बैठे गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से अनमोल की मदद करने के लिए कहा था। लॉरेंस चाहता था कि वे कोर्ट में जरूरी पैसे भरकर अनमोल को जल्द जेल से बाहर निकालें। अब दोनों के नए साथी कौन हैं गोल्डी और रोहित ने इस काम में ढिलाई दिखाई। बाद में अनमोल जेल से बाहर तो आया लेकिन अमेरिकी पुलिस ने उसके पैर में ट्रैकर लगा दिया जिससे पुलिस उसकी हर हरकत पर नजर रख सकती है। इसी बात से लॉरेंस बहुत नाराज हुआ कि गोल्डी ने उसके भाई को मुसीबत में डाल दिया।

 

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अब दोनों के नए साथी कौन हैं?

अलग होने के बाद दोनों ने नए साथी चुन लिए हैं। गोल्डी बराड़ अब अजरबैजान में बैठे रोहित गोदारा के साथ काम कर रहा है। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई ने अब कनाडा में रह रहे नोनी राणा के साथ हाथ मिला लिया है। नोनी राणा का असली नाम सूर्य प्रताप है और वह हरियाणा के गैंगस्टर काला राणा का छोटा भाई है। नोनी राणा आजकल अमेरिका और कनाडा से फोन करके लॉरेंस के नाम पर पैसे वसूलने का काम कर रहा है।

 

दोनों के अलग होने की बात तब पक्की हो गई जब कनाडा के मिसिसॉगा में हरजीत सिंह नाम के एक बिजनेसमैन की हत्या हुई। हरजीत सिंह ट्रकिंग का काम करते थे। गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस हत्या की जिम्मेदारी ली। हैरानी की बात यह थी कि उस पोस्ट में कहीं भी लॉरेंस बिश्नोई या उसके गैंग का नाम नहीं था जबकि पहले ये लोग हमेशा लॉरेंस का नाम जरूर लिखते थे।

 

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पुलिस की मीटिंग

इस मामले को लेकर हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक बड़ी मीटिंग हुई। इसमें पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के बड़े पुलिस अफसर शामिल हुए। पुलिस को डर है कि जब इतने बड़े गैंगस्टर अलग होते हैं तो वे एक-दूसरे के इलाके पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं। लॉरेंस बिश्नोई ने पहले बहुत बड़ा नेटवर्क बनाया था। उसने उत्तर प्रदेश में धनंजय सिंह, पंजाब में जग्गू भगवानपुरिया, हरियाणा में काला जठेड़ी, राजस्थान में रोहित गोदारा और दिल्ली में रोहित मोई और हाशिम बाबा जैसे अपराधियों के साथ गठबंधन किया था।

 

लॉरेंस बिश्नोई का नाम सलमान खान को धमकी देने और उनके घर के बाहर गोली चलाने में भी आया है। कनाडा सरकार ने भारत पर यह आरोप लगाया था कि भारत के लोग लॉरेंस गैंग के साथ मिलकर कनाडा में हिंसा फैला रहे हैं। भारत सरकार ने कनाडा के इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। 


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