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खराब गोला-बारूद से 62 करोड़ का नुकसान, रक्षा मंत्रालय को PAC की फटकार

आयुध फैक्ट्री के तरफ से भेजा गया गोला-बारूद रक्षा मंत्रालय को बेहद महंगा पड़ गया। दरअसल, यह गोला-बारूद खराब था। इसे रिप्लेस करने में मंत्रालय को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।

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प्रतीकात्मक फोटो। (AI generated images)

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संसदीय लोक लेखा समिति (PAC) ने खराब गोला-बारूद की खरीद पर रक्षा मंत्रालय को कड़ी फटकार लगाई है। संसद के मानसून सत्र से दौरान लोक लेखा समिति ने लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खराब गोला-बारूद खरीदने से सरकार को 62.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 

 

बताया जा रहा है कि यह गोला-बारूद बडमाल ऑर्डनेंस फैक्ट्री से खरीदा गया था। सरकार को खराब माल को बदलने में यह नुकसान उठाना पड़ा है। लोक लेखा समिति ने आर्टिलरी गनों की खरीद में हो रही दशकों की देरी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे सेना की ऑपरेशनल तैयारी पर असर पड़ रहा है।

 

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समिति ने कहा कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री की यह खामी पैसे की बर्बादी के अलावा सेना के गोला-बारूद के स्टॉक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय से सप्लाई चेन को मजबूत करने, सख्त मानक संचालन प्रक्रिया और तय समयसीमा को लागू करने की मांग की गई। 
 
रिपोर्ट में तोपों की खरीद में हो रही दशकों की देरी पर भी चिंता व्यक्त की गई। कहा गया कि सेना के पास तोपों की भारी कमी है। उन्हें पुरानी और कम मारक क्षमता की तोपों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। अपनी सिफारिश में समिति ने समय पर खरीद को सुनिश्चित करने की मांग की।

संसदीय लोक लेखा समिति की सिफारिशें

  • इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
  • स्किल डेवलपमेंट 
  • बेहतर निर्णय प्रक्रिया  
  • समयबद्ध उत्पादन 

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धनुष प्रोजेक्ट पर भी सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सांसद केसी वेणुगोपाल और धर्मेंद्र यादव ने लोक लेखा समिति (PAC) की तरफ से कई रिपोर्ट सदन में रखी। समिति ने 155एमएम/45 कैलिबर धनुष गन तोप के उत्पादन में आ रही देरी पर भी चिंता जताई। अपनी सिफारिश में समिति ने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले बुनियादी ढांचे औ घरेलू क्षमता की जांच होनी चाहिए, ताकि लागत वृद्धि और देरी को रोका जा सके। 

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