आमतौर पर समाज में यह धारणा है कि अशिक्षा ही अपराध की मुख्य वजह होती है लेकिन जेलों के हालिया आंकड़ों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। NCRB प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया 2024 (PSI 2024) की रिपोर्ट से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अपराध की दुनिया में अनपढ़ों से कहीं ज्यादा पढ़े-लिखे लोग सक्रिय हैं। आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जेलों में इस समय 36,503 ग्रेजुएट और करीब 9,516 पोस्ट ग्रेजुएट कैदी बंद हैं। इनमें से कई कैदी दोषी करार दिए जा चुके हैं, तो कई विचाराधीन (अंडरट्रायल) कैदी के रूप में सलाखों के पीछे हैं।
जेलों के इस एजुकेशन प्रोफाइल से साफ है कि देश की जेलों में बंद कुल 5,07,578 कैदियों में से केवल 1,14,215 कैदी ही अनपढ़ हैं। यानी देश के करीब 77.5% से अधिक कैदी साक्षर हैं और उन्होंने किसी न किसी स्तर पर स्कूली या उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
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पढ़े-लिखे कैदियों वाले टॉप 5 राज्य
| रैंक |
राज्य |
पढ़े-लिखे दोषी कैदी |
पढ़े-लिखे विचाराधीन कैदी |
कुल पढ़े-लिखे कैदी |
| 1 |
उत्तर प्रदेश |
19,585 |
40,769 |
60,354 |
| 2 |
बिहार |
5,393 |
35,083 |
40,476 |
| 3 |
मध्य प्रदेश |
17,196 |
18,526 |
35,722 |
| 4 |
महाराष्ट्र |
5,633 |
26,131 |
31,764 |
| 5 |
पंजाब |
4,893 |
17,276 |
22,169 |
ग्रेजुएट कैदियों का रिपोर्ट कार्ड
भारत में दोषी और विचाराधीन ग्रेजुएट कैदियों के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। यहां कुल मिलाकर 7,449 ग्रेजुएट कैदी हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां 3,381 ग्रेजुएट कैदी बंद हैं। तीसरे स्थान पर बिहार आता है, जहां 3,151 ग्रेजुएट कैदी हैं। इसके बाद राजस्थान चौथे नंबर पर है, जहां 2,670 ग्रेजुएट कैदी हैं। वहीं हरियाणा पांचवें स्थान पर है, जहां 2,049 ग्रेजुएट कैदी जेलों में बंद हैं।
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| रैंक |
राज्य |
दोषी ग्रेजुएट कैदी |
विचाराधीन ग्रेजुएट कैदी |
कुल ग्रेजुएट कैदी |
| 1 |
उत्तर प्रदेश |
2,305 |
5,144 |
7,449 |
| 2 |
महाराष्ट्र |
550 |
2,831 |
3,381 |
| 3 |
बिहार |
482 |
2,669 |
3,151 |
| 4 |
राजस्थान |
551 |
2,119 |
2,670 |
| 5 |
हरियाणा |
516 |
1,533 |
2,049 |
पोस्टग्रेजुएट कैदियों का रिपोर्ट कार्ड
देश में दोषी और विचाराधीन पोस्टग्रेजुएट कैदियों की कुल संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। यहां कुल 2,122 पोस्टग्रेजुएट कैदी जेलों में बंद हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर राजस्थान आता है, जहां 1,185 पोस्टग्रेजुएट कैदी हैं। तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र है, जहां 1,152 पोस्टग्रेजुएट कैदी जेल में बंद हैं। चौथे नंबर पर पंजाब है, जहां कुल 628 पोस्टग्रेजुएट कैदी हैं। बिहार पांचवें स्थान पर है, जहां 526 पोस्टग्रेजुएट कैदी जेलों में बंद हैं।
| रैंक |
राज्य |
दोषी पोस्टग्रेजुएट कैदी |
विचाराधीन पोस्टग्रेजुएट कैदी |
|
| 1 |
उत्तर प्रदेश |
592 |
1,530 |
2,122 |
| 2 |
राजस्थान |
256 |
929 |
1,185 |
| 3 |
महाराष्ट्र |
180 |
972 |
1,152 |
| 4 |
पंजाब |
194 |
434 |
628 |
| 5 |
बिहार |
65 |
461 |
526 |
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तकनीकी डिग्री वाले कैदी भी हजारों में
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश की जेलों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कैदियों की संख्या भी कम नहीं है। दोषी कैदियों में 1,812 तकनीकी डिग्री या डिप्लोमा धारक कैदी हैं, जबकि अंडरट्रायल कैदियों में यह संख्या 4,738 है। अगर राज्यों की बात करें तो तकनीकी डिग्री/डिप्लोमा वाले कैदियों की कुल संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहां 1,148 कैदी ऐसे हैं। दूसरे नंबर पर पंजाब है, जहां 691 तकनीकी डिग्री वाले कैदी बंद हैं। तीसरे स्थान पर तमिलनाडु आता है, जहां यह संख्या 678 है। इसके बाद महाराष्ट्र चौथे नंबर पर है, जहां 465 तकनीकी डिग्री धारक कैदी हैं। वहीं कर्नाटक 439 ऐसे कैदियों के साथ पांचवें स्थान पर है।