logo

मूड

ट्रेंडिंग:

एक दशहरा नहीं झेल पाई दिल्ली, हवा खराब, GRAP-1 लागू , क्या चालू, क्या बंद रहेगा?

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू हो गया है। दशहरा के अगले दिन हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने पर CAQM ने दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण की पाबंदियां लागू कर दीं।

Delhi India Gate दिल्ली के इंडिया गेट पर सुबह का कुहरा

इंडिया गेट पर सुबह का कोहरा। Photo Credit: PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने बुधवार को दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण को लागू कर दिया है। अब दिल्ली में पहले चरण के तहत लगे वाले प्रतिबंधों को मानना होगा। यह चरण तब लागू होता है, जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'खराब' श्रेणी, 201 से 300 के बीच पहुंच जाता है। दशहरा के अगले दिन दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गिरी है।

CAQM ने कहा कि पूरे NCR में संबंधित सभी एजेंसियां GRAP के पहले चरण की कार्रवाई को लागू करेंगी, उसकी निगरानी करेंगी और समीक्षा करेंगी। आयोग के मुताबिक मकसद यह है कि AQI और न बिगड़े। सभी एजेंसियों को मौजूदा GRAP शेड्यूल के तहत सख्त निगरानी रखने और प्रदूषण कम करने के उपाय तेज करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: BS-IV गाड़ियों पर रोक, GRAP की सख्ती, नवंबर में प्रदूषण रोकने की तैयारियां क्या?

पहले चरण में क्या पाबंदियां हैं?

GRAP के चार चरण हैं और हर चरण AQI के स्तर से जुड़ा है। पहला चरण 201 से 300, दूसरा 301 से 400 और तीसरा 401 से 500 के AQI पर लागू होता है। चौथा चरण तब लागू होता है, जब AQI 450 से ऊपर चला जाए।

पहले चरण में होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों के तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर रोक है। डीजल जनरेटर सिर्फ आपात या जरूरी स्थिति में चलाने की इजाजत है। ऐसे प्रतिष्ठानों को बिजली, गैस या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले उपकरण ही इस्तेमाल करने होंगे।

Delhi AQI
दिल्ली में दशहरा पर खूब आतिशबाजी हुई है। Photo Credit: PTI

क्या चालू, क्या बंद रहेगा?

निर्माण और तोड़फोड़ वाली गतिविधियों में धूल रोकने के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट वाली ऐसी परियोजनाओं को काम की अनुमति नहीं होगी, जो संबंधित राज्य या दिल्ली सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं। निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना होगा और ढके हुए वाहनों से ही ढोना होगा। निर्माण क्षेत्र के अनुपात में एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी जरूरी है।

सड़कों पर नियमित मशीनी सफाई और पानी का छिड़काव किया जाएगा। खुले में बायोमास और नगर निगम का कचरा जलाने पर रोक सख्ती से लागू होगी। नियम तोड़ने वालों पर NGT के आदेशों के मुताबिक अधिकतम पर्यावरण मुआवजा लगाया जाएगा। लैंडफिल साइटों पर आग की घटनाएं रोकने के लिए निगरानी रखी जाएगी।

उद्योगों, ईंट भट्टों और हॉट मिक्स प्लांट में उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। केवल मंजूर ईंधन ही इस्तेमाल हो सकेगा। उल्लंघन होने पर यूनिट बंद कराई जाएगी। दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित थर्मल पावर प्लांट भी उत्सर्जन मानकों के पालन के दायरे में हैं।

 

 

 

यह भी पढ़ें: प्रदूषण बढ़ने से हो रहा करोड़ों का नुकसान, किसकी हो रही बंपर कमाई?

वाहनों, पटाखों और आम लोगों के लिए निर्देश क्या हैं?

ज्यादा ट्रैफिक वाले रास्तों और चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात की जाएगी। वाहनों के PUC नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। धुआं छोड़ने वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा या उन पर अधिकतम जुर्माना लगेगा। दिल्ली के लिए गैर-जरूरी ट्रक ट्रैफिक को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन होगा। पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू रहेंगे। पटाखों पर प्रतिबंध के अदालती आदेशों का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा।

बिजली वितरण कंपनियों से कहा गया है कि NCR में बिजली कटौती कम से कम रखें, ताकि डीजल जनरेटर का इस्तेमाल न बढ़े। सोशल मीडिया, बल्क SMS और मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को प्रदूषण के स्तर और शिकायत के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप और SAMEER ऐप पर आने वाली शिकायतों का जल्द निपटारा होगा। CAQM ने नागरिकों से GRAP के पहले चरण के सिटिजन चार्टर का सख्ती से पालन करने की अपील की है।  

Related Topic:#Air Pollution

और पढ़ें