दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के खाते से हुए साइबर फ्रॉड मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। RBL बैंक के एक रिलेशनशिप मैनेजर को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कंपनी के HDFC बैंक वाले कॉर्पोरेट खाते से बिना अनुमति के 12 करोड़ 84 लाख रुपये निकाले गए थे, जिसके बाद धांधली की जांच शुरू हुई।
कंपनी की शिकायत के मुताबिक, खाते से 317 अनधिकृत लेनदेन हुए थे। साइबर अपराधियों ने कुल 12,84,09,997 रुपये 34 अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। कंपनी के प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं थी। कंपनी का कहना है कि यह धोखे से किया गया है।
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कैसे खुली धांधली की बात?
21 अगस्त को स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308, 318(4), 319 और 340 के तहत FIR दर्ज की गई। जांच में पुलिस ने बैंक खाते और मोबाइल रिकॉर्ड को खंगाला। देश की जगहों पर छापेमारी के बाद 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए लोग कौन हैं?
- अभय कुमार सोलंकी, बुलंदशहर, यूपी
- लवली, कुरुक्षेत्र, हरियाणा
- नमन कुमार, जयपुर, राजस्थान
- हरमन, बीकानेर, राजस्थान
- विकास, जयपुर, राजस्थान
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कैसे फल-फूल रहा था धंधा?
अभय कुमार सोलंकी के खाते में 60,000 रुपये आए और एटीएम से निकाले गए। लवली के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, थानेसर वाले प्रॉपर्टी गैलरी खाते में 80 लाख रुपये आए। यह खाता कैथल के सत्यम के कहने पर खोला गया था। सत्यम फरार है।
नमन कुमार के यस बैंक, जयपुर वाले इन्फर्मिटी सर्विसेज खाते में 40 लाख रुपये आए। उनके इंडसइंड बैंक खाते में करीब 70 लाख रुपये भी आए। यह खाता देशभर के 43 साइबर शिकायतों से जुड़ा है। हरमन ने नमन के फोन पर एपीके फाइल इंस्टॉल किया था। अकाउंट यहीं से ऑपरेट हो रहा था।
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गैंग का मास्टरमाइंड कौन?
विकास ने नमन की मुलाकात हरमन से कराई थी। हरमन टेलीग्राम पर कई चाइनीज ग्रुपों से संपर्क में जुड़ा था। उदयपुर के देवेंद्र सिंह चौहान के जरिए पैसे अमेरिकी डॉलर में बदले गए और विदेश भेजे गए। हरमन को इसके लिए कमीशन मिला। विकास आरबीएल बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर है। उसने नमन के यस बैंक और इंडसइंड बैंक खाते खुलवाने में मदद की। ठग ऐसे ही पूरे अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस ने अब तक क्या किया है?
पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी वाले खातों में 1.7 करोड़ रुपये पर रोक लगाई गई है। पुलिस ने चेक बुक, 5 मोबाइल फोन और रबर स्टैंप बरामद किए। सिंडिकेट कई राज्यों में फैला था। भारत और दुबई में अन्य संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।