logo

ट्रेंडिंग:

पाकिस्तान के खिलाफ जाकर निभाई दोस्ती! खामेनेई का जाना भारत के लिए झटका?

अयातुल्लाह खामेनेई वह वैश्विक नेता थे जो हर बार आर्थिक और रणनीतिक मामलों में भारत का साथ देते थे। उनके कार्यकाल में ईरान ने भारत के साथ सहयोग को प्राथमिकता दी।

Ayatollah Khamenei india

अयातुल्लाह अली खामेनेई। Photo Credit- PTI

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को अमेरिका और इजरायल ने हवाई हमलों में मिलकर मार दिया है। दोनों देशों के हमले में 86 साल के खामेनेई का निधन हो गया। इस हमले में खामेनेई के अलावा उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। अपने नेता के निधन के बाद ईरान ने इसे 'शहीदी' करार दिया है।

 

ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक के साथ में 7 दिन की छुट्टी घोषित की गई है। इस्लामिक क्रांति के खामेनेई साल 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। यह घटना मिडिल ईस्ट में बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है क्योंकि खामेनेई 37 साल से ईरान की सबसे ताकतवर शख्सियत थे। उनके जाने से अब ईरान में सत्ता होगा।

 

यह भी पढ़ें: खामेनेई मारे गए तो क्यों सड़क पर उतरे कश्मीरी मुसलमान? असली वजह जानिए

ईरान में मिली जुली प्रतिक्रिया

उनकी मौत की खबर पाकर ईरान में मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। उनके समर्थक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वहीं खोमेनेई के विरोधी जश्न मना रहे हैं। ऐसे में भारत में भी अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद प्रदर्शन हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से लेकर पुलवामा में भारी संख्या में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूपी के लखनऊ में शिया समुदाय ने विरोध-प्रदर्शन किया और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए।

 

 

 

भारत का बार-बार दिया साथ

अयातुल्लाह खामेनेई वह वैश्विक नेता थे जो हर बार आर्थिक और रणनीतिक मामलों में भारत का साथ देते थे। उनके कार्यकाल में ईरान ने भारत के साथ सहयोग को प्राथमिकता दी।  उन्होंने ही भारत को चाबहार पोर्ट विकसित करने की अनुमति दी थी। यह पोर्ट भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है (पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच)। साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा पर खामेनेई ने मोदी से मुलाकात की और भारत के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों की तारीफ की थी। 

आर्थिक संबंध मजबूत करने की वकालत

अयातुल्लाह खामेनेई ने कई बार कहा कि ईरान को भारत, चीन और रूस जैसी आर्थिक शक्तियों के साथ व्यापार बढ़ाना चाहिए। 2025 में अमेरिकी टैरिफ के दबाव में उन्होंने स्पष्ट रूप से भारत के साथ मजबूत आर्थिक रिश्तों की बात की थी। इसके अलावा वह भारत की संस्कृति, यहां के लोगों और इतिहास को चाहते थे।

 

यह भी पढ़ें: ईरान ने खाड़ी के हर देश पर दागी मिसाइलें, ओमान को क्यों छोड़ दिया?

आम आदमी पार्टी ने बताया युग का अंत

वहीं, भारत राजनीति पार्टी आम आदमी पार्टी ने भी अयातुल्ला खामेनेई की मौत को एक युग का अंत बताया है। पार्टी सांसद संजय सिंह ने एक पोस्ट में कहा कि भारत ने एक भरोसे मंद दोस्त खो दिया है। खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि ईरान भारत का परम्परागत मित्र है। 'AAP' ने अयातुल्ला खामेनेई को भारत का खास दोस्त बताया, जिसने कश्मीर के मुद्दे पर भारत के पक्ष वोट किया, ऊर्जा क्षेत्र में भारत को सुरक्षा प्रदान की, सस्ता तेल उपलब्ध कराया। साथ ही भारत को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान की।

 

 

 

 

संजय सिंह ने कहा कि इस संकट की घड़ी में भारत सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए, वैश्विक तानाशाह अमेरिका को रोकना होगा, वेनेजुएला के बाद ईरान आगे कौन?


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap