भारतीय रेल करोड़ों भारतीयों के सफर और समृद्धि का साक्षी रहा है। लोगों ने यह यात्राएं स्टेशन और ट्रेन से सफर करके गांवों से महानगरों तक विकार किया है। इसमें रेलवे स्टेशनों की अहम भूमिका है। इसी को बताने के लिए उत्तर रेलवे अलग-अलग स्टेशनों पर 'स्टेशन महोत्सव' का आयोजन कर रहा है। दिल्ली मंडल ने शुक्रवार को दिल्ली जंक्शन (पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन) पर इस महोत्सव को मनाया। महोत्सव किसी जश्न की तरह मनाया गया, जिसमें नुक्कड़ नाटक, बच्चों की प्रस्तुतियां, गाना-बजाना और रेलवे के इतिहास पर एक डॉक्यूमेंट्री तक शामिल थी।
इसमें यात्रियों को भारतीय रेल के साथ में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन की यात्रा के बारे में बताया गया। साथ ही भारतीय रेल की समृद्ध विरासत, विकास यात्रा, यात्रियों से जुड़ी सेवाएं से जोड़ने के लिए स्टेशन महोत्सव का आयोजन हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में यात्रियों, स्थानीय निवासियों, छात्रों और रेलवे कर्मचारियों ने भाग लिया।

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दिल्ली जंक्शन का इतिहास
आज के कार्यक्रम में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन की विकास यात्रा के बारे में बताया गया। यह स्टेशन दिल्ली का सबसे पुराना स्टेशन है, जिसे साल 1864 में ब्रिटिश सरकार ने बनाना शुरू किया था। स्टेशन को पटरियों सहित इमारत 1900-1903 में बनकर तैयार हो गई। वर्तमान स्टेशन भवन को साल 1903 में आम जनता के लिए खोला गया था। यहां से 1904 में दिल्ली से आगरा के लिए ट्रेन चलाई गई। इसके बाद दिल्ली जंक्शन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और यह 20वीं सदी में एक बड़े रेलवे हब के तौर पर विकसित हुआ। यह स्टेशन 35 सितंबर 2026 को 160 साल का हो गया।

शुरुआत से लेकर आधुनिक भारत की यात्रा
चांदनी चौक, लाल किला और शाहजहानाबाद की ऐतिहासिक विरासत के बीच स्थित यह स्टेशन देश की रेल यात्रा के शुरुआती दौर से लेकर आधुनिक भारतीय रेल के वर्तमान समय तक की यात्रा का साक्षी है। ऐसे में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन देश के सबसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित रेलवे स्टेशनों में से एक है।
प्रतिष्ठित लाल किले के पास यह स्टेशन दिल्ली और उत्तर भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से लेकर स्वतंत्र भारत के विकास तक, इस स्टेशन ने लाखों यात्रियों को अपनी सेवाएं दी हैं और देश के विकास में योगदान दिया है। आज भी यह स्टेशन एक प्रमुख रेल केंद्र के रूप में चल रहा है।

स्टेशन से रोजाना 210 से 215 ट्रेनों का संचालन
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से रोजाना 210 से 215 ट्रेनें चलती हैं। यहां से त्यौहारों, गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण रेलवे यहां से कई स्पेशन ट्रेंन भी चलाता है, जिसके जरिए लाखों की संख्या में लोग रोजाना यात्रा कर रहे हैं।
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DRM ने 'खबरगांव' से क्या कहा?
दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) पुष्पेश रमण त्रिपाठी ने 'खबरगांव' से बात करते हुए स्टेशन महोत्सव के बारे में कहा, 'स्टेशन महोत्सव रेलवे का एक ऐसा महोत्सव है, यह लोगों को स्टेशन के बारे में जगरूक करने का प्रयास है। ऐसा नहीं है कि यह महोत्सव दिल्ली में ही मनाया जा रहा है... इसको लेकर दिल्ली मंडल में तीन स्टेशन चुने गए हैं। कुरुक्षेत्र में कल (गुरुवार) मनाया गया है, पुरानी दिल्ली में आज (शुक्रवार) मनाया गया है। निकल भविष्य में हम मेरठ कैंट स्टेशन पर भी इस महोत्सव का आयोजन करेंगे।'

उन्होंने आगे कहा, 'यही नहीं देश के अलग-अलग स्टेशनों पर इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे कि लोगों को रेलवे के स्टेशनों के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया जा सके। इसमें रेलवे के सांस्कृतिक विषय, रेलवे और स्टेशनों का सफर के बारे में जान सकें।'
पुष्पेश रमण त्रिपाठी ने आगे कहा कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन केवल एक परिवहन केंद्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेल की समृद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'स्टेशन महोत्सव के जरिए हमारा उद्देश्य अपनी ऐतिहासिक विरासत, आधुनिक उपलब्धियों एवं यात्री-केंद्रित सेवाओं को आमजन के समक्ष प्रस्तुत करना है। इस प्रकार के आयोजन रेलवे और समाज के बीच संबंधों को और मजबूत करते हैं।'