logo

मूड

ट्रेंडिंग:

सोशल मीडिया से 'हनी ट्रैप' में फंसा IAF अफसर, पाकिस्तान को भेजी खुफिया जानकारी

भारतीय वायुसेना के एक विंग कमांडर को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में 8 अगस्त, 2026 गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी कर 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की थी।  

Pakistan Honey Trap Case

सांकेतिक तस्वीर। (Photo Credit - Chat GPT)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

भारतीय वायुसेना के एक विंग कमांडर को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि सोशल मीडिया पर एक महिला ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसाया और उनका भरोसा जीतकर भारत की रक्षा व्यवस्था से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की। जांच एजेंसियों को शक है कि यह महिला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रही थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी कर 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।  

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायुसेना की खुफिया शाखा को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के दौरान अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला दिल्ली पुलिस को सौंपा गया और 30 मई को अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है और फिलहाल वह तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है। 

 

यह भी पढ़ें: क्या है स्किल सर्टिफिकेट, जिसके सहारे बिना डिग्री युवाओं को मिलेगा रोजगार?

सोशल मीडिया के जरिए महिला से हुई थी दोस्ती

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 44 वर्षीय विंग कमांडर की इस साल की शुरुआत में सोशल मीडिया पर एक महिला से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच चैट और मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत होने लगी। जांच में सामने आया कि महिला ने भरोसा जीतने के बाद अधिकारी से रक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज, फोटो और वीडियो साझा करने के लिए कहा।

 

जांच एजेंसियों को शक है कि महिला का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ कनेक्शन है। पुलिस का मानना है कि वह भारत की रक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाने वाले बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है। 

 

इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने विंग कमांडर से उनके एक सहकर्मी के मोबाइल फोन में एक ऐप इंस्टॉल कराने के लिए कहा था। बताया जा रहा है कि यह ऐप स्पाइवेयर या रिमोट एक्सेस मालवेयर हो सकता है, जिससे मोबाइल का डेटा चोरी किया जा सकता था और लोकेशन भी ट्रैक की जा सकती थी। 

30 मई को हुई थी गिरफ्तारी

भारतीय वायुसेना की खुफिया शाखा को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के दौरान अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद सबूत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपे गए। शिकायत के आधार पर 30 मई को अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। 

 

अधिकारी पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, वह न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस ने बताया कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए जांच से जुड़ी अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। 


और पढ़ें