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चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करेंगे INDIA गठबंधन के सांसद, भारी फोर्स तैनात

SIR को लेकर चुनाव आयोग को घेर रहे विपक्षी दलों के सांसद आज दिल्ली में मार्च निकालने वाले हैं। इसको ध्यान में रखते हुए संसद से निर्वाचन सदन तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। 

delhi police deployment

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: PTI

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देश में होने वाले चुनावों की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे विपक्षी दल आज राजधानी दिल्ली में मार्च निकालेंगे। स्पेशल इंटेसिंव रिवीजन ( SIR ) के मुद्दे पर हमलावर विपक्ष कांग्रेस की अगुवाई में संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च करेगा। कहा जा रहा है कि इसमें लगभग 150 सांसद शामिल हो सकते हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी इसमें हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आ सकते हैं। वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) के इससे दूरी बनाने की चर्चा है। इस मार्च को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संसद मार्ग से निर्वाचन सदन जाने वाले रास्ते पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।
 
विपक्षी दलों का यह मार्च सुबह करीब 11 बजे प्रस्तावित है। विपक्ष के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत निकाले जा रहे इस मार्च में विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख नेता और सांसद शामिल होंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा था कि विपक्ष को उम्मीद है कि मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और पुलिस सांसदों को रोकने की कोशिश नहीं करेगी। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार से जवाब मांगा जाना जरूरी है। 

 

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कितना लंबा होगा यह मार्च?

देश की संसद से निर्वाचन सदन की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। राजीव चौक से पटेल चौक होते हुए संसद तक जाने वाले संसद मार्ग पर से अशोक रोड पर मुड़ते ही निर्वाचन सदन की बिल्डिंग आती है। बताया गया है कि सभी विपक्षी सांसद पैदल ही निर्वाचन सदन की ओर जाएंगे। रास्ते में ही पीटीआई बिल्डिंग, रिजर्व बैंक, आकाशवाणी और प्रसार भारती के भी दफ्तर हैं। इसलिए इस पूरे रास्ते पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर भी भारी बैरिकेडिंग की गई है और सैकड़ों की संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।

विपक्षी सांसद पहले संसद परिसर में इकट्ठा होंगे और फिर निर्वाचन सदन की ओर कूच करेंगे। मार्च के दौरान वे बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगें उठा सकते हैं। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

 

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दिल्ली में लागू हुआ ट्रैफिक डायवर्जन

इस मार्च को ध्यान में रखते हुए सुबह 8 बजे से ही नई दिल्ली इलाके में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। इस डायवर्जन के तहत कनॉट प्लेस से पटेल चौक और फिर संसद मार्ग जाने वाले रास्ते पर, पटेल चौक से GPO, विंडसर प्लेस से GPO, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड और उसके आसपास के इलाकों में डायवर्जन लागू रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही इन रास्तों पर जाएं और अतिरिक्त समय लेकर ही घर से निकलें। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन जैसे कि मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है।

बताते चलें कि इस गठबंधन के नेता एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। यह प्रदर्शन 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की बैठक के बाद घोषित किया गया था। निर्वाचन आयोग के कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है, ताकि आवाजाही नियंत्रित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने अपने तीन सदस्यीय निकाय में किसी भी तरह के मतभेद के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।


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