देश में रोजगार देने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में खेती, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों के साथ-साथ फैक्ट्रियों और उद्योगों की भी अहम भूमिका है। फैक्ट्री सेक्टर में भी हर साल लाखों लोगों को काम मिलता है। सरकार के वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2024-25 के मुताबिक, देश की फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोगों की संख्या 2023-24 में 1.96 करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर 2.10 करोड़ हो गई। यानी एक साल में काम करने वाले लोगों की संख्या में 7.19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
वहीं, फैक्ट्री सेक्टर में मिलने वाले कुल रोजगार का 41 फीसदी से ज्यादा हिस्सा सिर्फ पांच उद्योगों में है। इनमें खाद्य उत्पाद, कपड़ा, बेसिक मेटल, मोटर वाहन और कपड़े बनाने वाले उद्योग शामिल हैं। इन पांचों में खाद्य उत्पाद उद्योग सबसे आगे है, जहां करीब 23.61 लाख लोग काम कर रहे हैं।
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छोटी फैक्ट्रियों में भी बड़ी संख्या में लोगों को काम
सर्वे के मुताबिक, 5 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली फैक्ट्रियों की संख्या कुल चालू फैक्ट्रियों में 78.69 फीसदी है। इन फैक्ट्रियों में देश के कुल फैक्ट्री कर्मचारियों में से 34.32 फीसदी काम करते हैं। वहीं, 10 करोड़ रुपये या इससे ज्यादा निवेश वाली फैक्ट्रियों की संख्या कुल फैक्ट्रियों में 15.84 फीसदी है।
इसके बावजूद देश के कुल फैक्ट्री रोजगार में इनकी हिस्सेदारी 59.66 फीसदी है। यानी छोटी फैक्ट्रियां संख्या में ज्यादा हैं और रोजगार का भी बड़ा जरिया हैं, जबकि बड़े निवेश वाली फैक्ट्रियों में कुल कर्मचारियों का हिस्सा ज्यादा है।
पांच उद्योगों में सबसे ज्यादा रोजगार मिले
रिपोर्ट के मुताबिक, देश की फैक्ट्रियों में मिलने वाले कुल रोजगार का 41 फीसदी से ज्यादा हिस्सा सिर्फ पांच उद्योगों में है। इनमें खाद्य उत्पाद, कपड़ा उद्योग, बेसिक मेटल, मोटर वाहन और पहनने वाले कपड़ों का निर्माण शामिल है। यानी देश की फैक्ट्रियों में काम करने वाले हर 100 लोगों में से 41 से ज्यादा लोग इन्हीं पांच उद्योगों में रोजगार पाते हैं।
2024-25 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के फैक्ट्री सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 7.57 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, चालू फैक्ट्रियों की संख्या भी 3.45 फीसदी बढ़ी।
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 25 में, देश के कुल मैन्युफैक्चरिंग जॉब में टॉप 5 उद्योगों खाद्य उत्पाद, कपड़ा, बुनियादी धातुएं, मोटर वाहन और परिधान का संयुक्त योगदान 41% से अधिक रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेट सेक्टर का देश के कुल GVA (ग्रॉस वैल्यू एडेड) में 89 फीसदी से ज्यादा योगदान है। इससे पता चलता है कि देश के औद्योगिक रोजगार में इस सेक्टर की बड़ी भूमिका है।
बड़ी के साथ छोटी फैक्ट्रियां भी दे रही हैं रोजगार
कुल मिलाकर ASI 2024-25 के आंकड़े बताते हैं कि देश के संगठित फैक्ट्री सेक्टर में रोजगार बढ़ रहा है। पांच प्रमुख उद्योग कुल फैक्ट्री रोजगार के 41 फीसदी से ज्यादा हिस्से को अपने पास रखते हैं। वहीं, बड़ी निवेश वाली फैक्ट्रियां रोजगार देने में सबसे आगे हैं, जबकि छोटी फैक्ट्रियां संख्या में ज्यादा होने के साथ एक तिहाई से ज्यादा लोगों को काम दे रही हैं।