केरल के रहने वाले 16 वर्षीय राउल जॉन अजू की हर तरफ चर्चा है। इसकी वजह यह है कि अजू को भारत का AI किड कहा जाता है। छह साल की उम्र में अजू ने अर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई सीखना शुरू किया और अब तक 10 से अधिक एआई टूल बना चुके हैं। मौजूदा समय में राउल जॉन अजू दुबई और केरल सरकारों के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने आर्म टेक्नोलॉजीज नाम की खुद की कंपनी में अपने पिता को नौकरी पर भी रखा है।
राउल जॉन अजू ने शुक्रवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से बातचीत की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। बाद में अजू ने बताया कि मैं उनसे यहीं मिला। यह बहुत अच्छा अनुभव था। मुझे यहां इसलिए बुलाया गया क्योंकि मुझे 'भारत का AI किड' कहा जाता है। मैं यहां (AI इम्पैक्ट समिट) बोल भी रहा हूं। मैं एआई टूल्स बना रहा हूं। 1.50 लाख छात्रों और कुछ कंपनियों को ट्रेनिंग दे चुका हूं। मैं यूट्यूब की मदद और अपने माता-पिता के मार्गदर्शन से सीख रहा हूं।
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छह साल की उम्र से सीखा AI
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राउल जॉन अजू ने 6 साल की उम्र में एआई सीखना शुरू किया था। अब तक वे 10 से अधिक एआई टूल का निर्माण कर चुके हैं। यह टूल लोगों को अपनी समस्या हल करने में मदद करते हैं। एआई टूल बनाने के अलावा अजू अपने यूट्यूब और इंस्टाग्राम चैनल पर युवाओं को एआई की ट्रेनिंग भी देते हैं। अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। राउल जॉन अजू ने खुद का मी-बॉट नाम का रोबोट भी बनाया है।
इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक राउल जॉन अजू ने 10 साल की उम्र में रोबोट बनाया था। मौजूदा समय में वे एआई टूल बनाते हैं। यह टूल्स लोगों को असल जिंदगी और बिजनेस में मदद करते हैं। अजू AI Realm Technologies और NyayaSathi के भी फाउंडर हैं। ये कंपनियां लीगल बॉट, ऑटोमेशन टूल्स, मी-बॉट जैसे ह्यूमनॉइड रोबोट बनाती हैं। इंस्टाग्राम पर अजू के 3 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे अपने चैनल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के बारे में सीखाते हैं।
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सरकारों के साथ काम कर रहे अजू
2007 में केरल के कोच्चि में जन्मे राउल जॉन अजू तीन बार TEDx स्पीकर भी रह चुके हैं। उनका मानना है कि भारत को दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की जगह खुद की तकनीकी दौड़ की अगुवाई करना चाहिए। मौजूदा समय में अजू दुबई और केरल सरकार की मदद से जस्टईज प्रोजेक्ट पर जुटे हैं। यह जनहित से जुड़ा प्रोजेक्ट है, जो किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सटीक और रियल टाइम जानकारी देगा।