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नीला ड्रम केस: सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा

मुस्कान और साहिल दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की थी। कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

मुस्कान और साहिल पुलिस की गिरफ्त में

मुस्कान और साहिल दोनों को मौत की सजा मिली है। Photo Credit: PTI

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मेरठ की जिला अदालत ने बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया गया था। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम कर रहे थे, उन्हें मुस्कान और साहिल ने मिलकर मार डाला था।

मार्च 2025 में हुए इस हत्याकांड को नीला ड्रम केस के नाम से भी जाना जाता है। केस का ट्रायल करीब 13 महीने और 126 सुनवाइयों के बाद पूरा हुआ। जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत ने दोनों को सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को रेयर ऑफ द रेयरेस्ट माना था। ऐसे मामले, जिनमें अपराध दुर्लभ से दुर्लभतम हों, फांसी की सजा दी जाती है। 

सौरभ राजपूत की मां, रेनू देवी:-
हमें बहुत अच्छा लग रहा है। इस बात का संतोष है कि उन दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है। जो इंसाफ हम चाहते हैं, हमें मिल गया है। हम अपने वकीलों, सहयोगियों और स्टाफ के बहुत आभारी हैं। हम हमेशा उनका धन्यवाद करेंगे और उनके कर्जदार रहेंगे। जेल में बंद बेटी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। रही बात बड़ी बेटी की तो अगर उसके नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के हमें सौंप देते हैं, तो हम उसे अपने साथ रखेंगे।

यह भी पढ़ें: 'उनको भी टुकड़ों में काटा जाए', मुस्कान और साहिल के लिए बोलीं सौरभ राजपूत की मां

अदालत में कैसे चला केस?

अभियोजन ने ट्रायल में 22 गवाहों की गवाही कराई थी। इनमें दवा विक्रेता, ड्रम और सीमेंट बेचने वाले और चाकू और जहां से नीला ड्रम खरीदा गया था, उस दुकानदार की बात भी शामिल थी। पुलिस ने होटल मैनेजरों के बयानों को पेश किया, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी पेश किए गए। आरोपी हत्या के बाद अलग-अलग जगह हादसे के बाद घूम रहे थे। कैब ड्राइवरों से भी उनकी आवाजाही के बारे में पूछताछ हुई। अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी। कोर्ट ने 30 सितंबर को फैसला सुनाया था, अब सजा मिली है। 

 

 

मुस्कान और साहिल को सौरभ को मारा क्यों?

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सौरभ की जब हत्या हुई, तब वह 29 साल के थे। साल 2016 में उनकी मुस्कान से शादी हुई थी। वह लंदन में नौकरी करते थे और 24 फरवरी 2025 को परिवार के साथ दो जन्मदिन मनाने मेरठ आए थे। 3 मार्च की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीली दवाई दे दी। इसके बाद उसने साहिल को बुलाया। साहिल और मुस्कान ने सौरभ को मार डाला, लाश के कई टुकड़े किए और सीमेंट में भरकर नीले ड्रम में पैक कर दिया। पुलिस ने बताया कि ड्रम और सीमेंट पहले से खरीदे गए थे। 

यह भी पढ़ें: मेरठ के कुख्यात नीला ड्रम केस में मुस्कान और साहिल दोषी, अभी सजा का ऐलान नहीं

हत्या के बाद भाग गए थे हिमाचल

मुस्कान ने अपनी बेटी को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश भाग गई। आरोप है कि वहां से उसने सौरभ के इंस्टाग्राम अकाउंट से तस्वीरें भी अपलोड की, जिससे शक न हो। वह 17 मार्च को मेरठ लौट आई। सौरभ के घर न लौटने पर परिवार ने पुलिस में एक तहरीर दी। पुलिस को शक हुआ कि मुस्कान ने हत्या कर दी है।

जब मुस्कान से पूछताछ हुई तो साहिल का नाम सामने आया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की, दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। घर की तलाशी में बेडरूम से नीला ड्रम मिला। उसे मुर्दाघर ले जाकर काटा गया तो लाश के टुकड़े मिले। सौरभ के बड़े भाई राहुल कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई। दोनों को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया।

किन सवालों के जवाब चाहता है परिवार?

सौरभ की मां रेनू राजपूत ने केस की सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्हें एक सवाल का जवाब चाहिए कि उसने उनके बेटे को क्यों मारा। उन्होंने कहा कि मुस्कान सौरभ के साथ भागकर आई थी और परिवार ने दोनों की शादी कराई थी। बाद में विवाद होने पर तलाक का मामला अदालत में था। रेनू की मां ने कहा था कि मुस्कान चाहती तो चुपचाप अलग हो सकती थी, फिर मारा क्यों।

कहां हैं मुस्कान और साहिल?

मुस्कान मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में बंद है। उसने इस साल मार्च में दूसरी बेटी को जन्म दिया था। उसकी पहली बेटी 8 साल की है। वह अपने ननिहाल में रह रही है। मुस्कान से मिलने उसके परिवार की ओर से कोई नहीं पेश होता है।  साहिल से मिलने उसके भाई और नानी आते रहे हैं।

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