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10-12 लाख में बिका NEET का पेपर! CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

NEET UG पेपर लीक मामले में CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की। EOU की चार्जशीट बुधवार को विशेष अदालत में पेश होगी।

NEET UG exam Paper Leak case CBI files charge sheet against 13 accused

केंद्रीय जांच ब्यूरो मुख्यालय, Photo Credit: Social Media

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NEET -UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ( CBI ) ने बड़ा कदम उठाते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में बुधवार को इस पर सुनवाई हो सकती है।

 

CBI ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि पेपर लीक मामले में एक संगठित नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र को कई लोगों तक पहुंचाया गया।

 

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13 आरोपी चार्जशीट में शामिल

CBI की चार्जशीट में यश यादव, मंगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। CBI अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इससे पहले मामले से जुड़े 47 NTA अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

 

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10 लाख में हुआ पेपर का सौदा

CBI के मुताबिक, आरोपी मंगीलाल बीवाल ने अपने बेटे विकास बीवाल के लिए NEET का प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मंगीलाल के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद किया गया। एजेंसी का दावा है कि मंगीलाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र खरीदा था। पूछताछ में सामने आया कि विकास बीवाल की पहचान यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी। CBI के अनुसार, शुभम ने सबसे पहले यश यादव को पेपर उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मंगीलाल, विकास और दिनेश बीवाल तक पहुंचा।

अभ्यर्थियों से 12 लाख तक वसूले

CBI का आरोप है कि मंगीलाल बीवाल ने लीक हुए प्रश्नपत्र को आगे कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया और इसके बदले करीब 12 लाख रुपये तक की रकम ली गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।

 

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इस मामले में आरोपी यश यादव को अदालत ने पहले न्यायिक हिरासत में रहते हुए 21 जून को NEET-UG परीक्षा में शामिल होने और 22 जून को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी थी। CBI अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


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