जल्द ही संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है। इस सत्र में सांसदों की हाजिरी के नियम बदलने वाले हैं। नई संसद में टेक्नॉलजी का इस्तेमाल को पहले से ही खूब हो रहा था। अब लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने कहा है कि सभी सांसद अब अपनी सीट से ही हाजिरी लगा पाएंगे। इससे पहले सभी सांसद लॉबी से अटेंडेंस लगा सकते थे। बजट सत्र से यह सुविधा खत्म की जा रही है। ओम बिरला के मुताबिक, यह प्रयास इसलिए किया जा रहा है ताकि सांसद सदन की कार्यवाही में हिस्सा लें।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 86वीं ऑल इंडिया प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस के बाद पत्रकारों से बातचीत में ओम बिरला ने कहा कि संसद में गंभीरता और अनुशासन की जरूरत है। उनका इशारा संसद में बार-बार होने वाले हंगामों की तरफ था, जिनके चलते संसद की कार्यवाही ही नहीं पूरी हो पाती। पिछले कई सत्रों में यह देखा गया है कि अलग-अलग मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की और सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी।
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इससे पहले, संसद में प्रवेश से पहले सांसदों को टैबलेट पर डिजिटल साइन करने होते थे। कई बार इसमें देरी लगती थी और सांसदों की लाइन भी लग जाती थी। बाद में इसी डिजिटल कर दिया गया। अब सांसद अपने पिन नंबर, स्मार्ड कार्ड और अंगूठे से भी अटेंडेंस लगा सकेंगे।
हंगामा हुआ तो हाजिरी नहीं लगेगी
अब नए नियमों के मुताबिक, सभी सदस्य सिर्फ तब हाजिरी लगा पाएंगे जब सदन की कार्यवाही चल रही होगी। अगर सदन में हंगामा होता है, सदन की कार्यवाही स्थगित होती है या बाधित होती है तो सांसद हाजिरी नहीं लगा पाएंगे। इस पर ओम बिरला का कहना है, 'ऐसा करने का मकसद है कि सांसद सक्रिय भागीदारी दिखाएं और सिर्फ नाम के लिए उपस्थित न रहें।' यह भी बताया गया है कि सभी सांसदों की सीट पर पहले ही डिवाइस लगाई जा चुकी है, जिससे वे अटेंडेंस लगाएंगे।
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सांसदों की सैलरी भी कटेगी?
जुलाई 2025 में जब डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू हुआ था तब इसे लेकर हंगामा भी हुआ था। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पूछा था कि प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों को इससे छूट क्यों दी जा रही है?
आपको बता दें कि सांसदों को संसद सत्र के लिए अलग से भत्ता मिलता है। यह भत्ता संसद सत्र के दिन के हिसाब से मिलता है। सत्र के दौरान हर दिन संसद आने के लिए ट्रैवल अलाउंस मिलता है। हर दिन के लिए एक निश्चित राशि मिलती है। एक दिन संसद सत्र में शामिल होने के लिए सांसद को 2500 रुपये मिलते हैं। अब अगर सांसद हंगामा करते हैं और सत्र नहीं चलता है तो उनकी अटेंडेंस नहीं लगेगी और उन्हें इसके पैसे भी नहीं मिलेंगे।