नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 16 की ऊपरी मंजिल पर यात्रियों के लिए वातानुकूलित वेटिंग एरिया बने हुए हैं। इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों हैं। सरकारी एसी वेटिंग एरिया में आराम करने के कोई पैसे नहीं हैं, लेकिन प्राइवेट एसी लॉन्ज के लिए घंटे के हिसाब से यात्रियों से पैसे लिए जाते हैं। यहां जाने के बाद दांए हाथ पर 'Upper Class Waiting Lounge' है। यह एक वातानुकूलित वेटिंग रूम है। लॉन्ज में अंदर जाने के बाद मंजर अजीब था क्योंकि यहां बैठे यात्री एसी में भी पसीना पोंछते हुए मिले। ऐसा नहीं था कि यात्रियों को अधिक गर्मी लग रही थी, बल्कि यहां लगे दोनों एसी काम नहीं कर रहे थे।
इस अपर क्लास वेटिंग लॉन्ज के अंदर लगभग 70-80 यात्री अपनी ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। अंदर लोगों की संख्या होने की वजह से यात्रियों को गर्मी और अधिक महसूस हो रही थी। गर्मी से बचने के लिए लोग अपने रुमाल का इस्तेमाल करके हवा करते हुए दिखाई दिए।
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20 रुपये घंटे के हिसाब से चार्ज
दरअसल, इस वेटिंग लॉन्ज में एक यात्री से एक घंटे के हिसाब से 20 रुपये का चार्ज लिया जाता है। इसके बाद हर घंटे के 20 रुपये जुड़ते जाते हैं। इसके अलावा 5 से लेकर 12 साल के बच्चे के लिए चार्ज 10 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से है। ट्रेनों का इंतजार करने वालों में बुजुर्ग, नौजवान, महिलाएं और बच्चे सभी थे। एक यात्री ने पूछने पर अपनी मजबूरी बताते हुए कहा, 'क्या कर सकते हैं, थोड़ी देर के बाद ट्रेन है... यहां से चले जाएंगे।'

160 रुपये की थाली वाला खराब खाना
इस लॉन्ज में एक स्टॉल भी है, जिसमें खाने की थाली और स्नैक्स यात्रियों के लिए उपलब्ध था। दिल्ली से भुवनेश्वर जाने वाले यात्री सुशांत सिंह वेज थाली खा रहे थे। उनकी थाली में चावल-दाल, तीन रोटी के साथ में आलू-सफेद चने की सब्जी (मटर पनीर की भी सब्जी ले सकते हैं) मौजूद थी। इस वेज थाली की कीमत 152 रुपये थी और GST के साथ में यात्रियों को यह थाली 160 रुपये की मिलती थी।

खाना खा रहे यात्री सुशांत सिंह ने बताया कि यह वेज थाली बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि इतने पैसे में बाहर किसी भी सामान्य होटल में इससे बेहतर खाना मिल जाता है और उसका टेस्ट भी अच्छा होता है।
वेटिंग लॉन्ज के अंदर अव्यवस्थाओं का अंबार
दरअसल, इस वेटिंग लॉन्ज में भीड़ इतनी होने के बावजूद बाहर यात्री लाइनों में लगकर 20 रुपये की पर्ची कटवाकर अंदर आने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इतने बड़ी संख्या में यात्रियों के आने के बावजूद लॉन्ज के अंदर मलभूत सुविधाओं का आभाव था। इसके वाशरूम का दरवाजा इतना जाम था कि इसे खोलने और बंद करने के बावजूद आधा खुला था। अंदर वॉशबेशन और शीशे गंदे मिले।
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सवाल पूछने पर बगलें झाकने लगा स्टाफ
जब वेटिंग लॉन्ज से निकलते हुए खबरगांव की टीम ने एसी के खराब होने की बात कही तो यहां का स्टाफ बगलें झाकने लगे। हालांकि, बाद में लगभग 45 मिनट बाद वापस लौटने पर स्टाफ ने मशक्कत के बाद खराब हुए एसी को ठीक कर लिया था।