राजस्थान के जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एक छात्रा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिकायत की कि टिकट बुक करते समय आईआरसीटीसी की वेबसाइट बार-बार रुक जाती है और कैप्चा कोड भरने में भी बहुत दिक्कत आती है। इसके बाद रेल मंत्री ने वेबसाइट को बदलने का फैसला लिया है और 15 जुलाई 2026 तक नई और बेहतर वेबसाइट शुरू करने का वादा किया है।
यह बात जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) की है। वहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव छात्रों से बात करने गए थे। एक छात्रा ने उनसे कहा कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट बुक करते समय साइट हैंग हो जाती है। छात्रा ने यह भी बताया कि कैप्चा कोड भरने में बहुत ज्यादा परेशानी होती है जिससे टिकट पाने में देरी होती है। छात्रा की यह बात सुनकर रेल मंत्री ने तुरंत रेलवे के अधिकारियों को फोन किया और वेबसाइट को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
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रेल मंत्री का तुरंत एक्शन
रेल मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि वेबसाइट को पूरी तरह से ठीक करने में कितना समय लगेगा। उन्होंने वहां मौजूद छात्रों को भरोसा दिलाया कि 15 जुलाई 2026 तक नई वेबसाइट काम करने लगेगी। यह नई वेबसाइट पुरानी वाली से बहुत तेज होगी और इसमें लोगों को पहले जैसी तकनीकी परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी।
नई वेबसाइट में क्या होगा खास?
नई वेबसाइट को इस तरह बनाया जा रहा है कि टिकट बुकिंग के समय साइट बिल्कुल भी न रुके। अभी रेलवे का सिस्टम एक मिनट में 32,000 टिकट बुक करता है लेकिन इसे बढ़ाकर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट करने की तैयारी है। इसके अलावा पूछताछ वाले सेक्शन को भी 4 लाख से बढ़ाकर 40 लाख प्रति मिनट किया जाएगा। इससे एक साथ लाखों लोग बिना किसी रुकावट के साइट का इस्तेमाल कर पाएंगे और वेबसाइट क्रैश होने की दिक्कत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। साथ ही वेबसाइट में अलग-अलग भाषाओं का विकल्प भी मिलेगा और दिव्यांग लोगों, छात्रों व मरीजों के लिए खास सुविधाएँ होंगी। इसमें फेयर कैलेंडर भी होगा जिससे लोग किराया चेक कर सकेंगे।
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ट्रेनों में फीडिंग रूम की सुविधा
इस दौरान एक छात्र ने ट्रेनों में माताओं के लिए बेबी फीडिंग रूम बनाने का भी सुझाव दिया। रेल मंत्री को यह सुझाव बहुत अच्छा लगा और उन्होंने इसे नोट कर लिया। अब ट्रेनों के हर कोच में छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए खास जगह यानी फीडिंग रूम बनाने पर काम किया जाएगा ताकि माताओं को लंबी यात्रा के दौरान परेशानी न हो।