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'हम पानी दें, तुम आंतक, ऐसा नहीं होगा', पाकिस्तान पर क्या बोल गए विदेश मंत्री?

भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही हालात तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते अपने सबसे बुरे दौर में हैं। पढ़ें रिपोर्ट।

S Jaishankar

विदेशमंत्री एस जयशंकर। (Photo Credit: PTI)

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तमिलनाडु में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पड़ोसी देशों के साथ भारत की विदेश नीति पर बात की। उन्होंने कहा कि कुछ अच्छे पड़ोसी तो अच्छे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमारे कुछ बुरे पड़ोसी भी हैं। उन्होंने पश्चिम की तरफ वाले पड़ोसी का जिक्र किया। उनका इशारा पाकिस्तान की ओर था। जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि अगर कोई देश लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेन तो भारत को अपने लोगों की रक्षा का पूरा हक है। यह सामान्य सी बात है।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ खुद को बचाने के लिए जो जरूरी कदम उठाना पड़ेगा, उठाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत ही लेगा कोई और नहीं बताएगा कि हमें क्या करना है। उन्होंने कहा कि भारत क्या करे या क्या न करे इसे कोई और नहीं तय सकता है।

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'आतंक फैलाओगे तो पानी नहीं मिलेगा'

विदेश मंत्री ने जल संधि पर बात की। उन्होंने कहा कि अगर कई साल पहले पानी बांटने को लेकर समझौता हुआ था तो उसे कायम नहीं रखा जा सकता है। अगर कोई आतंक में ही लिप्त हो तो उसके साथ अच्छे पड़ोसी की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता है। अच्छे पड़ोसी के फायदे तभी मिलते हैं जब अच्छा व्यवहार हो। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी हमें आतंक दे रहा है तो हम उसे पानी नहीं दे सकते हैं।

एस जयशंकर, विदेश मंत्री:-
कई साल पहले, हमने पानी बांटने की व्यवस्था पर सहमति जताई थी, लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद होता रहे तो अच्छी पड़ोसी की भावना नहीं जताई जा सकती है। अगर आप बुरे पड़ोसी नहीं हैं तो अच्छे पड़ोसी की भावना का लाभ आपको कैसे मिल सकता है। आप यह नहीं कह सकते हैं  कि मुझे पानी दीजिए लेकिन मैं आपके साथ आतंकवाद जारी रखूंगा। यह मुमकिन नहीं है। 

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'हम अपनी हिफाजत के लिए कुछ भी करेंगे'

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 'आपके पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं। दुर्भाग्य से, हमारे हैं। अगर कोई देश जानबूझकर, बिना किसी पछतावे के आतंकवाद जारी रखेगा, तो हमें आतंकवाद के खिलाफ खुद को बचाने का अधिकार है, हम उस अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हम उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हम पर निर्भर है। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। हम अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी करना होगा, वह करेंगे।'

भारत की जलसंधि प्रभावित क्यों हुई थी?

22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में एक आतंकी हमला हुआ था। हमले में 26 पर्यटकों को आंतकियों ने मार डाला था। भारत ने 6 से 7 मई की दरमियानी रात में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान के 9 से ज्यादा आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। दोनों देशों के बीच जंग जैसे हालात बने।  10 मई को भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम समझौते को लागू करने के लिए तैयार हुए। भारत ने सिंधु जल समझौते को लेकर अहम फैसला किया और पानी रोक दिया। यह समझौता अभी विचाराधीन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता है। 

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