नोएडा का जेवर एयरपोर्ट अब प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रभावी सहयोग से उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि साल 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश प्रशासनिक शिथिलता, जन-जन में असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। प्रधानमंत्री के लंबे प्रशासनिक अनुभवों, दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश ने शासन की नई कार्य संस्कृति को अपनाया है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश नए आत्म विश्वास के साथ चतुर्मुखी प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद इस बात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आभारी रहेगी कि उन्होंने राज्य के विकास को निरंतर अपनी प्राथमिकताओं में रखा है।'
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जेवर एयपोर्ट खास क्यों है?
जेवर एयरपोर्ट पर 15 जून से उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। पहले चरण का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ। इस चरण में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल बना है, जिसकी क्षमता सालाना 12 मिलियन यानी 1.2 करोड़ यात्रियों की है। आने वाले साल में इसे बढ़ाकर 3 करोड़ करने की योजना है। एयरपोर्ट का रनवे 3,900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। टर्मिनल करीब 1,01,590 वर्ग मीटर में बना है और यहां 28 एप्रन स्टैंड हैं।
एयरपोर्ट को जूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की कंपनी पीपीपी मॉडल पर बना और चला रही है। इसके लिए 7 अक्टूबर 2020 को 40 साल का कंसेशन समझौता हुआ था। एयरपोर्ट की नींव 25 नवंबर 2021 को रखी गई थी। अभी यहां पहुंचने का मुख्य रास्ता यमुना एक्सप्रेसवे है।
एनएच 44 और एनएच 34 से भी सड़क रास्ते से यहां पहुंच सकते हैं। एयरपोर्ट ऑपरेटर ने उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के परिवहन निगमों के साथ बस सेवा के लिए समझौते किए हैं। आगे चलकर यहां मेट्रो और नमो भारत स्टेशन बनाने की योजना है। मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के स्पर से एयरपोर्ट तक 31.42 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की संशोधित लागत को मंजूरी दी थी।
यूपी सरकार ने और कौन से फैसले लिए?
उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। राजमार्ग, मेट्रो और RRTS से जुड़ी उपलब्धियां भी गिनाईं। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने राज्य के विकास को लगातार प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। मंत्रिपरिषद की ओर से कहा गया कि राज्य और केंद्र की 'डबल इंजन' सरकार के बेहतर तालमेल से उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, रेल, मेट्रो, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े काम हुए हैं। इनमें करीब 60,000 करोड़ रुपये की लागत से बने 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सीएम योगी ने गिनाए काम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में प्रशासनिक सुस्ती थी। लोगों में असुरक्षा की भावना थी और बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। उसके बाद पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन, बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल माहौल प्रदेश की पहचान बने हैं। एक्सप्रेसवे के मामले में दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने की बात कही गई है।
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एयरपोर्ट-मेट्रो कनेक्टिविटी पर क्या कहा?
सीएम योगी ने कहा, 'रेल और मेट्रो के क्षेत्र में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ 'नमो भारत' ट्रेन (RRTS) का संचालन शुरू हुआ है। इसे देश की पहली उच्च गति वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सेवा बताया गया है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का भी विस्तार हुआ है।
हवाई सेवा में जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की बात कही गई है।'
ब्रह्मोस पर सीएम योगी ने क्या बताया?
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में दादरी में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बना है। इस कॉरिडोर का 1,050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश से गुजरता है। वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 पर भारत का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल बना है। वहीं 100 एकड़ में फैला देश का पहला फ्रेट विलेज भी विकसित किया गया है।
सीएम योगी ने कहा, 'लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट लगी है। प्रदेश का डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी इसी से जुड़ा बताया गया है। इसके अलावा 1,000 एकड़ में पीएम मित्र (PM MITRA) टेक्सटाइल पार्क विकसित हो रहा है।'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर सरकार ने काम किया है। गरीब, वंचित, पिछड़े, युवा, महिला और किसान सहित सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रयास किए गए।'