केंद्र सरकार ने अपने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आदेश जारी कर बताया कि अब कोई भी अधिकारी जिसे सरकारी गाड़ी दी जानी है उसे एक से अधिक गाड़ी आवंटित नहीं की जाएगी। आदेश में यह भी बताया गया है कि भले ही वह अधिकारी किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार क्यों ना संभाल रहा हो लेकिन उसे एक ही गाड़ी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग, अनावश्यक खर्च पर रोक और जवाबदेही बढ़ाना है।
यह निर्देश वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को जारी किया है। नए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 'एक अधिकारी, एक सरकारी कार' का नियम सख्ती से लागू किया जाए। यह आदेश 2022 में जारी किए गए स्टाफ कार उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों को और भी ज्यादा मजबूत बनाता है।
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नहीं मिलेगी एक्स्ट्रा गाड़ी
अब तक कई मामलों में ऐसा देखा जाता था कि यदि किसी सीनियर अधिकारी को किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग या सरकारी संस्था का अतिरिक्त प्रभार मिलता था तो वहां से भी अलग सरकारी गाड़ी उपलब्ध करा दी जाती थी। आसान भाषा में कहें तो हर एक पद के साथ गाड़ी दी जाती थी फिर चाहे चार्ज संभाल रहा अधिकारी पहले ही किसी दूसरे डिपार्टमेंट से गाड़ी लेकर चल रहा हो। नए नियम के बाद ऐसी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब अधिकारी अपने मूल पद के लिए आवंटित सरकारी गाड़ी का ही उपयोग करेंगे और अतिरिक्त प्रभार के आधार पर दूसरी सरकारी कार नहीं मिलेगी।
इन संस्थाओं पर भी लागू होगा नियम
सरकार ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि कोई अधिकारी सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या स्वायत्त निकाय की गाड़ी का नियमित उपयोग नहीं करेगा। ऐसे संस्थानों के वाहन केवल उनके आधिकारिक कार्यों के लिए ही इस्तेमाल किए जाएंगे। यदि किसी केंद्रीय अधिकारी को वहां किसी बैठक या आधिकारिक कार्यक्रम में जाना है, तो वह गाड़ी का इस्तेमाल कर सकता है और गाड़ी का इस्तेमाल उसी उद्देश्य तक सीमित रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि कई जगह एक ही अधिकारी के पास अलग-अलग जिम्मेदारियों के कारण एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध हो जाते थे। इससे न केवल सरकारी खर्च बढ़ता था, बल्कि वाहनों, ड्राइवरों और ईंधन जैसे संसाधनों का दोहराव भी होता था। नए नियम का उद्देश्य इसी दोहराव को खत्म करना और सरकारी संसाधनों का अधिक जिम्मेदारी के साथ उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे सरकार के खर्च में भी कमी आने की संभावना है।
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2022 में भी जारी किया था आदेश
सरकार ने सितंबर 2022 में केंद्र सरकार के स्टाफ कारों के उपयोग को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए थे। नए आदेश में उन्हीं नियमों को और स्पष्ट करते हुए मंत्रालयों से सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि सरकारी गाड़ी केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्धारित आधिकारिक कार्यों के लिए ही उपयोग की जाएं तथा उनका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।