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पंजाब में कांग्रेस का संकट टला नहीं, वडिंग गुट में सेंधमारी कर रहे चरनजीत चन्नी

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी कांग्रेस प्रधान राजा वडिंग के खिलाफ खुलकर मैदान में आ चुके हैं। वह अब राजा वडिंग के गुट में सेंधमारी की कोशिश कर रहे हैं।

Charanjit Singh Channi

चरनजीत सिंह चन्नी, Photo Credit: PTI

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पंजाब कांग्रेस में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी के नेता गुटबाजी करने लगे हैं। बीते दिनों इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ था और पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने खुलकर राजा वडिंग के नेतृत्व को स्वीकार करने से मना कर दिया था। इसके बाद प्रभारी भूपेश बघेल ने पंजाब पहुंचकर उनको समझाने की कोशिश की और फिर दिल्ली में मीटिंग हुई। मीटिंग में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चन्नी गुट को समझाने की कोशिश की। आलाकमान ने चन्नी को संदेश दे दिया है कि पार्टी अब बदलाव के मूड में नहीं है और चन्नी को जो जिम्मेदारी दी गई है उस निभाएं।

 

गौरतलब है कि चन्नी पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। हालांकि, वह 2022 में सीएम रहते हुए अपनी दोनों सीटों से चुनाव हार गए थे और कांग्रेस पार्टी की भी करारी हार हुई थी। इसके बाद पार्टी ने राजा वडिंग को प्रधान बनाया और तब से अब तक वही राज्य इकाई के प्रमुख बने हुए हैं। अब चुनाव से पहले चन्नी चाहते हैं कि उन्हें प्रधान बनाया जाए ताकि वह सीएम पद के स्वाभाविक दावेदार माने जा सकें। 

 

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संसद के संग्राम में दबा मुद्दा

इस बीच संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया और पंजाब में जारी सिसायी संग्राम दिल्ली शिफ्ट हो गया। दिल्ली में चन्नी की मीटिंग केसी वेणुगोपाल से हुई। इसके बाद नीट पेपर लीक को लेकर हंगामा मचा और चर्चाएं टल गईं। चन्नी और वडिंग दोनों आलाकमान के साथ नजर आए और पीएम आवास के घर के बाहर प्रदर्शन में भी अहम भूमिका निभाई। इसके बाद अब जब मामला शांत हो गया है तो एक बार फिर से पंजाब के नेता राज्य की राजनीति को लेकर सक्रिय हो गए हैं। इस सब के बीच दिल्ली में एक मीटिंग हुई। केसी वेणुगोपाल ने चन्नी व रंधावा गुट को खरी-खरी सुनाई लेकिन चन्नी भी इस मीटिंग में चुप नहीं रहे। चन्नी ने भी केसी वेणुगोपाल को खूब सुनाई। जिसके बाद केसी वेणुगोपाल मीटिंग छोड़कर चले गए और कुछ ही देर बाद चन्नी भी मीटिंग से निकल गए। 

गुट को मजबूत करने में जुटे चन्नी

चन्नी के तेवर देखकर लगता है कि चन्नी अब आर-पार के मूड में हैं। दिल्ली के घटनाक्रम के बाद चन्नी अब फिर से पंजाब में सक्रिय हो गए हैं। गुरदासपुर में विधायक पहाड़ा के घर चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरजीत, भारत भूषण आशु समेत उनके गुट के तमाम लीडर जमा हुए और उन्होंने वहां पर चुनाव की तैयारियों के संबंध में चर्चा की। जिससे साफ है कि चन्नी गुट अब चुनाव की तैयारियों में जुट गया लेकिन वह राजा वडिंग से किनारा कर रहे हैं। एक पब्लिक मीटिंग में चन्नी ने कहा कि इस सरकार के थोड़े दिन रह गए। रब ने अगर ताकत दी तो इनका हिसाब इसी जगह पर होगा। चन्नी ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं जहां वह खुद को सीएम फेस के रूप में प्रोजेक्ट नहीं कर रहे हैं। 

वडिंग गुट में सेंधमारी

अब आलाकमान ने चन्नी को साफ कर दिया है कि पार्टी में बदलाव नहीं होगा। इसके बावजूद चन्नी खुद को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। चन्नी अब वडिंग गुट को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। मोरिंडा में हुई मीटिंग में भी वडिंग के कुछ करीबी शामिल हुए थे। मृत सिंहर सिद्दू के पिता का नाम भी इनमें शामिल था जिन्हें राजा वडिंग के करीबी लोगों में गिना जाता था। अब इस लिस्ट में ताजा नाम अनिल जोशी का है जिन्हें राजा वडिंग का खासमखास आदमी माना जाता है। चन्नी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें अनिल जोशी पर ही फोकस किया गया है। 

 

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ग्रुप की एकता का संदेश दिया

माना जा रहा है कि चरनजीत सिंह चन्नी के साथ जो नेता हैं वे सभी कांग्रेस के साथ हैं यानी अगर चन्नी कांग्रेस को छोड़कर जाते हैं तो वे नेता उनका साथ नहीं देंगे। अब चन्नी खुद के ग्रुप को एकजुट दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर शेयर रील में चन्नी ने 'बंदा साड्डियां ग्रुपों विच, खच्च कोई ना' लगाया है। खच्चा का मलतब धोखेबाज व्यक्ति होता है यानी चन्नी साफ संदेश दे रहे हैं कि उनका ग्रुप एकजुट है और कोई उन्हें धोखा नहीं देने वाला।

आगे क्या?

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, पंजाब कांग्रेस को लेकर आलाकमान अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के मूड में नहीं है। पार्टी ने चन्नी गुट को भी यह साफ शब्दों में कह दिया है। हालांकि, चन्नी अभी शक्ति प्रदर्शन करने के मूड में है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चन्नी अलग होकर चुनाव लड़ने का मन बना सकते हैं लेकिन खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है। उधर वडिंग फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार को पेपर लीक के मुद्दे पर घेरने में लगे हुए हैं।

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